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शौचालय में सफाई कर्मचारी होने से सफाई चरमराई
नवांशहरकी सब्जी मंडी में जिले के दूर-दराज से खरीददारी करने आने वाले लोगों दुकानदारों के लिए बनाया गया शौचालय जर्जर हालत में होने से लोगों को समस्या दे रहा है। क्योंकि शौचालय में लगे वाश बेसन में पानी के नल खराब हैं, यदि उन में हाथ धोने के लिए पानी है तो इसी के नीचे लगी गंदे पानी की निकासी के लिए लगाई पाइपें गायब हैं।
बाथरूम में दीवारों फर्श पर चिकनाई इस कद्र है कि देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वर्षों से सफाई नहीं हुई है। जिससे फिसल कर लोग चोटिल तक हो जाते हैं। शौचालय में बैठने के लिए लगाई सीट भी गंदगी देख कुछ इसी तरह की दयनीय स्थिति बयान कर रही है। शौचालय में लोगों ने धूम्रपान कर दीवारों पर पान की पिचकारियों से बुरा हाल किया है।
मूत्र विसर्जन के लिए लगाए पोट या टूटे पड़े हैं या आधे से ज्यादा खराब हालत में हैं। इन पोटस के दरमियान लगे स्लाइड्स तक गायब हैं। पोटस के नीचे लगी पाइपें होने से लोगों को दिक्कत पेश रही है। शौचालय की ऊपरी छत्ते भी दयनीय हालत में हैं, जिनके नीचे ऊपर बनी पानी की टंकी का पानी दिन-रात टपकता है। लोगों ने बताया कि सब्जी मंडी में महिलाओं पुरुषों का अलग-अलग शौचालय बना हुआ है, मगर दोनों का इस्तेमाल केवल पुरुष ही करते हैं।
सब्जी मंडी में स्थित दुकानदारों दविंदर कुमार बंटी, धर्मपाल, विपन कुमार, दीपक कुमार, प्रवीन कुमार, महिंदर सिंह, रवि कुमार, लखविंदर सिंह, संतोख सिंह, बहादुर सिंह, विक्की, परमजीत सिंह, विनोद कुमार, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, लक्की, बोबी, पुरषोतम लाल, मक्खन, बिटटू आदि ने कहा कि पिछले तीन साल से शौचालय में स्थाई सफाई कर्मचारी होने के कारण इस प्रकार की समस्या पैदा हो रही है। जबकि सब्जी मंडी में 20 आढ़ती लगभग 100 से ज्यादा फडिय़ों वाले दुकानदार इस शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। शौचालय में सैनेटरी का सामान पूरा होने से उन्हें परेशानी पेश रही है। प्रशासन को इस समस्या का पहल के आधार पर हल करवाना चाहिए। जिस स्थान पर लोगों को स्वस्थ रखने के लिए सब्जियां बेची जाती हैं उसी स्थान पर यदि सफाई व्यवस्था सुचारु रुप से काम नहीं कर रही तो बीमारियां ही पैदा होंगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की बनती है। आसपास के दुकानदारों ने कहा कि बारिश हो जाए तो सब्जी मंडी को जाने वाले रास्ते से पैदल जाना भी मुश्किल हो जाता है।
à फंड की कमी