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पुराने सिविल अस्पताल में भी मिलेंगी प्राइमरी हेल्थ सेवाएं

6 वर्ष पहले
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शहरकेलोगों के पुराने सिविल अस्पताल में भी प्राइमरी हेल्थ सुविधाएं मिलेंगी। जिला सेहत विभाग ने केंद्र की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत जिला मुख्यालय में अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर (यूपीएचसी) खोलने की योजना के तहत प्रस्तावित इमारत का मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिया है। विभाग ने अभी स्पष्ट नहीं किया इस इमारत में कब से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने की संभावना है मगर उच्च अधिकारियों का निर्देश है कि जिले में योजना के मुताबिक यूपीएचसी जल्द खोली जाए।

सरकार की योजना के अनुसार जिला मुख्यालय में स्लम एरिया में यूपीएचसी खोलने के लिए विभाग की प्रपोजल के तहत विभाग को स्लम एरिया में इमारत की जरूरत थी। इमारत (किराए पर) मिल पाने के चलते यूपीएचसी खोलने की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई थी। उपर्युक्त इमारत मिल पाने की अड़चन स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाई गई। उच्च अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी देने के बाद प्रपोजल को अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में खास बात यह है कि सिविल अस्पताल नई इमारत में शिफ्ट होने से शहर के लोगों के लिए खुलने वाला यूपीएचसी स्वास्थ्य सेवाएं शहर के भीतरी हिस्से में प्राप्त करने का एक अच्छा विकल्प होगा।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार की योजना के अनुसार देशभर में हरेक जिले के उस शहर में यूपीएचसी खोली जानी है, जिस शहर की आबादी 50 हजार या इससे अधिक है। मगर जिला शहीद भगत सिंह नगर में किसी भी शहर की आबादी 47 हजार से ज्यादा नहीं है मगर प्रपोजल के अनुसार कम से कम जिले में एक यूपीएचसी खोलना जरूरी थी। जिसके चलते विभाग ने यह जानकारी केंद्र सरकार के संबंधित विंग को भेजी। विभाग द्वारा जिला मुख्यालय (शहरी स्लम एरिया में) यूपीएचसी खोलने की प्रपोजल को मंजूरी दी गई।

10 घंटे खुलेगा यूपीएचसी

जिलामुख्यालय यूपीएचसी में दिन में करीब 10 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रपोजल है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग इस यूपीएचसी में एक या दो मेडिकल आफिसर (डाक्टर), 1 फार्मासिस्ट, 1 स्टाफ नर्स स्वास्थ्य सेवाएं देंगी। इसके अलावा शहरी क्षेत्र की एएनएम आशा वर्करों से भी इस केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं ली जाएंगी। प्रपोजल के अनुसार यूपीएचसी में सुबह 9 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक स्वास्थ्य सेवाएं दी जानी है। यही नहीं डाक्टर द्वारा लिखी गई दवा भी यहीं से ही मिलेंगी।

पुराने सिविल अस्पताल की इमारत को रंग-रोगन करते कर्मी।

मंदिर प्रबंधक कमेटी मिली थी डीसी से

श्रीगुरु रविदास मंदिर में मिनी पीएचसी चलाई जा रही थी, जिसे विभाग ने अपग्रेड कर दिया और उसे यूपीएचसी बना दिया गया। मंदिर में पीएचसी के लिए उपयुक्त रूम होने के कारण विभाग ने यूपीएचसी को सिविल अस्पताल की पुरानी इमारत में डीएचओ दफ्तर के सामने शिफ्ट करने की प्रपोजल तैयार कर ली। इस बात का पता चलने पर मंदिर प्रबंधन ने यूपीएचसी शिफ्ट करने की मांग को लेकर डीसी रविंदर सिंह से बात की थी। उधर, इस मामले में बात करने पर स्वास्थ्य विभाग के डीएमसी कुलवरण सिंह ने बताया कि संभावित रूप से विभाग डीएचओ दफ्तर के सामने वाली इमारत में यूपीएचसी खोलने की प्रक्रिया को अमली जामा पहना रहा है मगर विभाग के ध्यान में मंदिर प्रबंधन की मांग भी लाई गई है।