- Hindi News
- रोपड़ फगवाड़ा एनएच को ईपीसी के तहत फोरलेन बनाने पर विचार
रोपड़-फगवाड़ा एनएच को ईपीसी के तहत फोरलेन बनाने पर विचार
रोड को फोरलेन करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने की थी टैंडर काल, किसी भी फर्म ने नहीं दिखाई थी दिलचस्पी
मनदीपसिंह | नवांशहर
रोपड़(नवांशहर)-फगवाड़ानेशनलहाईवे-344-ए को फोरलेन करने के लिए सरकार ईपीसी यानि इंजीनियरिंग प्रिक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन नीति को अमल में लाने पर विचार कर सकती है। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार या विभाग की ओर से इस संबंध में कोई भी लिखित आर्डर जारी नहीं किया है। लेकिन बताया जा रहा है कि यदि बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर योजना के तहत किसी भी कांट्रेक्टर ने इस रोड को फोरलेन करने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई तो सरकार के पास रोड को फोरलेन करने का एकमात्र विकल्प ईपीसी ही बचता है। जिसके चलते सरकार को मजबूरन इस नीति के तहत काम करना पड़ सकता है।
पहले जब यह रोड नेशनल हाईवे नहीं था तो लोक निर्माण विभाग के जरिए सड़क को फोरलेन करने के लिए लगभग करीब 1488 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत का प्रोजेक्ट बनाया गया था। जिसके तहत नक्शा तैयार करने, प्रोजेक्ट के तहत होने वाले संभावित खर्च का ब्योरा तैयार करने के साथ-साथ भूमि एक्वायर करने के लिए नोटीफिकेशन तक जारी कर दी गई थीं। यही नहीं विभाग की ओर से इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने के लिए नवंबर 2013 में बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर नीति के तहत ग्लोबल टेंडर भी काल किया था। विभाग के अनुसार इस टेंडर के लिए किसी भी कंपनी/फर्म ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसके चलते इस प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू नहीं हो पाया था।
यह है ईपीसी
इंजीनियरिंगप्रिक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन के अनुसार सरकार खुद पैसा खर्च करके रोड बनवाती है।
इस प्रक्रिया के तहत रोड बनने पर टोल लगने की संभावनाएं बहुत कम होती हैं। जबकि बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर योजना के तहत सारा प्रोजेक्ट प्राइवेट ठेकेदार देखता है। जिसके चलते प्राइवेट ठेकेदार अपनी लागत पूरी करने के लिए रोड पर टोल लगाकर वाहनों से टोल फीस वसूल करता है।
नोटीफिकेशनकी प्रक्रिया शुरू
पंजाबलोक निर्माण विभाग सेंट्रल वर्कस डिवीजन जालंधर के एक्सईएन बीएस तुल्ली का कहना है कि एनएच-344-ए को फोरलेन करने के संबंध में भूमि अधिग्रहण करने को लेकर नेशनल हाईवे के बने नियमों/एक्ट 1956 के तहत नोटीफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि इस संबंध में सरकार ने अभी तक आधिकारिक रूप से कोई आर्डर जारी नहीं किया है।
सितंबर 2014 म