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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूध और खाद्य पदार्थों के भरे सैंपल

6 वर्ष पहले
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पंजाबसरकारकी ओर से दूध इससे बनने वाले सभी खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को रोकने के लिए 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को शहर के ढाबों स्वीट शाप पर छापेमारी करके खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे। जिला हैल्थ अधिकारी डा. कुलवरण सिंह की अगुवाई में नवांशहर से आई टीम ने माछीवाड़ा पर ढाबे शहर में कई दुकानों पर चैकिंग की। यहां पर ढाबों, रेस्टोटैंटों दूध से बने प्रोडक्टों के सैंपल भरे। फूड इंस्पैक्टर संगीता राम प्रकाश ने मिठाई की दुकानों से दूध, दही, पनीर, बर्फी और करेआना दुकानों पर खाद्य पदार्थों के सैंपल भरकर सील बंद किया। इस कार्रवाई से शहर के मिठाई की दुकानें करने वाले ढाबा मालिक दुकानें बंद करके चले गए। डीएचओ डा. कुलवरण सिंह ने मिलावटखोरों को चेतावनी देते हुए कहा कि सैंपल फेल होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि शहरों कस्बों में सिंथैटिक पनी दूध प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं, जिस कारण यह मुहिम चलाकर छापेमारी की गई है।

करेआनादुकान पर खाद्य पदार्थों की जांच करते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी।

भास्कर न्यूज | राहों

पंजाबसरकारकी ओर से दूध इससे बनने वाले सभी खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को रोकने के लिए 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को शहर के ढाबों स्वीट शाप पर छापेमारी करके खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे। जिला हैल्थ अधिकारी डा. कुलवरण सिंह की अगुवाई में नवांशहर से आई टीम ने माछीवाड़ा पर ढाबे शहर में कई दुकानों पर चैकिंग की। यहां पर ढाबों, रेस्टोटैंटों दूध से बने प्रोडक्टों के सैंपल भरे। फूड इंस्पैक्टर संगीता राम प्रकाश ने मिठाई की दुकानों से दूध, दही, पनीर, बर्फी और करेआना दुकानों पर खाद्य पदार्थों के सैंपल भरकर सील बंद किया। इस कार्रवाई से शहर के मिठाई की दुकानें करने वाले ढाबा मालिक दुकानें बंद करके चले गए। डीएचओ डा. कुलवरण सिंह ने मिलावटखोरों को चेतावनी देते हुए कहा कि सैंपल फेल होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि शहरों कस्बों में सिंथैटिक पनी दूध प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं, जिस कारण यह मुहिम चलाकर छापेमारी की गई है।

करेआनादुकान पर खाद्य पदार्थों की जांच करते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी।