- Hindi News
- चेतावनी 2 दिन में मकान खाली हुए तो एसएसपी और डीसी पठानकोट से करेंगे शिकायत
चेतावनी-2 दिन में मकान खाली हुए तो एसएसपी और डीसी पठानकोट से करेंगे शिकायत
चेतावनी-2 दिन में मकान खाली हुए तो एसएसपी और डीसी पठानकोट से करेंगे शिकायत
भास्करन्यूज | जुगियाल
वीरवारकोआरएसडी और शाहपुरकंडी बैराज बांध परियोजना के कर्मचारियों की रिहायश के लिए बनी सरकारी कालोनी के मकानों पर हुए अवैध कब्जों को छुड़वाने के लिए छापामारी की गई। यह छापामारी बांध के टाउनशिप मंडल की टीम ने एसडीओ इन्द्रराम के नेतृत्व में जुगियाल कालोनी में की। इसमें इन सरकारी मकानों में रह रहे 5 कब्जाधारियों को पकड़ा गया। इन कब्जाधारियों को 2 दिन के अन्दर मकान खाली करने को कहा है।
वीरवार सुबह 8 बजे शुरू किए गए इस चैकिंग अभियान में सबसे पहले छह महीने पूर्व कब्जाधारियों से खाली करवाए गए 13 मकानों की दोबारा चैकिंग की गई। इसमें अब भी रह रहे कुछ कब्जाधारी प्रशासनिक टीम के आने की खबर मिलते ही मकानों में ताले लगाकर भाग गए। एसडीओ इन्द्रराम ने बताया कि इन मकानों को खाली करवाने के लिए बांध प्रशासन के कार्यकारी अभियंता ने थाना प्रभारी शाहपुरकंडी को पत्र नंबर-6772,10 दिनांक 27 अगस्त, 2014 और डीसी पठानकोट को पत्र नंबर 6907-12,14ई दिनांक 02 सितंबर, 2014 को लिखा है और मकान खाली करवाने के लिए गुहार लगाई है, लेकिन पुिलस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जिस कारण इन कब्जाधारियों के हौंसले बुलंद हैं।
बांध प्रशासन की टीम ने कब्जाधारियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने दो दिन में मकान खाली नहीं किए, तो इसकी शिकायत लिखित तौर पर एसएसपी और डीसी पठानकोट को की जाएगी। इसके बाद इन लोगों पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। इसके इलावा बांध प्रशासन की टीम ने टी-3 ब्लाक के भी कुछ खाली पड़े सरकारी मकानों की चैकिंग की। इस मौके पर एसडीओ इन्द्र राम ने बताया कि टी-3 ब्लाक के मकान नंबर-372 में पिछले लंबे समय से एक गैर सरकारी व्यक्ति रह रहा है, जिसने बिजली का कनेक्शन भी अवैध तौर पर लगा रखा है। उन्होंने बताया कि जब भी बांध प्रशासन के टाउनशिप मंडल के कर्मचारी इस मकान को खाली करवाने आते हैं, तो यह व्यक्ति घर को ताला लगाकर भाग जाता है। उन्होंने कहा कि इस मकान का बनता किराया 6,67,337 रुपए वसूल करवाने के लिए भी पुिलस से गुहार लगाई है। एसडीओ इन्द्रराम ने बताया कि पुलिस प्रशासन का पूर्ण रूप मे सहयोग मिलने के चलते ही आज तक इस आवास से कब्जा नहीं छुड़वाया जा सका है।