वाहेगुरु की नजर में जाति का महत्व नहीं : कलसिया
सरबत खालसा संस्था ने गुरुद्वारा गुरु गोबिन्द सिंह नगर में करवाया गुरमति समागम
सरबतखालसासंस्था की ओर से गुरुद्वारा गुरु गोबिन्द सिंह नगर में मुख्य प्रबंधक गुरदीप सिंह गुलाटी की देखरेख में गुरमति समागम करवाया गया। इसमें पंथ प्रसिद्ध कथावाचक प्रचारक भाई गुरबचन सिंह कलसिया ने चल रही बाणी की व्याख्या करते कहा कि इस संसार में रंग जाति का भेदभाव कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि सभी उस अकाल पूरख परमात्मा की संतान हैं।
उन्होंने कहा कि उस अकाल पूरख वाहेगुरु जी की नजर में धन, जाति का कोई महत्व नहीं है। परमात्मा की नजर में सिर्फ और सिर्फ नाम सिमरन का ही महत्व है। इस अवसर पर भाई इन्द्रजीत सिंह के रागी जत्थे ने रसमयी कीर्तन कर संगत को निहाल किया। अंत में गुरु साहिब का अटूट लंगर वितरित किया गया। इस अवसर पर मास्टर चन्नण सिंह, गुरशरण सिंह, जनक सिंह, शिंगारा सिंह, बलजीत सिंह, सोहन सिंह, बलकार सिंह, चरण सिंह, कुलवंत सिंह, जोगिन्द्र सिंह, सूबा सिंह, एसएस गरोवर, ज्ञान सिंह, अनिल दारा सरना, बलविन्द्र सिंह, हरभजन सिंह, दयाल सिंह, गुरदयाल सिंह कलेर, तेजविन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, परमजीत सिंह, ज्ञान सिंह, कंवलजीत सिंह, एडवोकेट जगदीश सिंह सैनी, कमलजीत सिंह, मनमोहन सिंह, मास्टर बलबीर सिंह, परमजीत सिंह, प्रीतम सिंह, गुरमीत सिंह, अमनदीप सिंह, निर्मलजीत कौर खालसा, राजविन्द्र कौर खालसा, प्रकाश कौर, सुरेन्द्र कौर, सुरजीत कौर, परमजीत कौर उपस्थित थे।
गुरमति समागम में गुरबाणी का श्रवण करती संगत। -भास्कर