सर्दी ने ली 35 बच्चों की जान : रिपोर्ट
इसबारसर्दी में अब तक जिले में 0 से 5 वर्ष के 35 बच्चों की मौतें हुई हैं। इसका खुलासा सेहत विभाग द्वारा एकत्रित किए गए रिकाॅर्ड से हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर बच्चे निमोनिया के शिकार हुए हैं। जिला सेहत और परिवार भलाई अफसर डाॅ. तरसेम सिंह ने एएनएम और हैल्थ वर्करों की मीटिंग बुलाकर बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाया और कहा कि सर्दी से बच्चों को बचाने के लिए अवेयरनेस मुहिम तेज की जाए। बता दें कि 2014 में सर्दी से 30 बच्चाें की मौत हुई थी।
सेहत विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्दी के मौसम में बच्चों की देखभाल अच्छी तरह से करनी चाहिए। ठंड लगने या बुखार होने पर उसी टाइम बच्चों को चाइल्ड स्पेशलिस्ट से चेक कराना चाहिए। गांव में झोलाछाप डॉक्टरों से कोई ट्रीटमेंट या सलाह नहीं लेनी चाहिए। अगर किसी भी अस्पताल में कोई अनहोनी हो जाती है तो उसका रिकॉर्ड अभिभावक संभाल कर रखें।
सेहत विभाग का कहना है कि दिन में गर्मी और रात को सर्दी होने पर बीमारी की संभावना ज्यादा रहती है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाॅ. वंदना के अनुसार दो तरह के मौसम ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। एक जैसे मौसम में हमारा शरीर भी उसके अनुरूप ढल जाता है, जबकि दिन गर्म और रातें ठंडी होने के कारण हम थोड़े लापरवाह हो जाते हैं। ऐसे मौसम में खासकर बच्चों को एलर्जी, खांसी-जुकाम, निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है।
एएनएम हैल्थ वर्करों से मीटिंग कर रिपोर्ट लेते डाॅ. तरसेम और साथ में है चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाॅ. वंदना।