सेहत विभाग के गले की हड्डी बनी आतंकियों की लाशें
36दिनोंसे सिविल अस्पताल के मोच्यरी में पड़ी पाकिस्तानी आतंकियों की लाशें सेहत विभाग के लिए मुसीबत बन गई हैं।
मोच्यरी में पड़ी 6 लाशों को शिफ्ट करवाने के लिए जिला पुलिस डीसी के आगे रिक्वेस्ट करने के बाद अब प्रिंसिपल हैल्थ सेक्रेटरी ने डीजीपी को पत्र लिखा है और कहा है कि मोच्यरी में अन्य बाॅडीज को रखने में काफी दिक्कतें रही हैं। इन लाशों को मेडिकल काॅलेज अमृतसर में शिफ्ट किया जाए, ताकि अन्य बाॅडिज को रखने में किसी तरह की कोई परेशानी आए। जिला प्रशासन की मजबूरी है कि होम मनिस्ट्री का आदेश आने तक आतंकियों की लाशें मोच्यरी में पुलिस सिक्योरटी में रहेंगी। बता दें कि चंडीगढ़ में प्रिंसिपल हैल्थ सेक्रेटरी के साथ हुई मीटिंग में सिविल सर्जन डाॅ. अजय बग्गा ने आतंकियों की मोच्यरी में पड़ी लाशों के कारण पेश रही समस्या को रखा था।
बता दें कि 6 जनवरी को सिविल अस्पताल में लाई गई 6 आतंकियों की लाशाें का 7 जनवरी को पोस्टमार्टम हो गया था। लेकिन तब से लाशें अस्पताल में ही पड़ी हैं। पोस्टमार्टम रूम के बाहर दिन-रात 12 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। आतंकी हमले के बाद बार्डर एरिया में भी पुलिस ने सिक्योरिटी टाइट कर दी है और हर आने-जाने वाले वाहन चालकों को तलाशी के बाद ही जाने दिया जा रहा है। उधर, एसएसपी आरके बख्शी ने लाेगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के देखे जाने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा।
पोस्टमार्टम रूम पर पुलिस ने अपना ताला लगाकर बाहर पहरा बिठाया हुआ है। पोस्टमार्टम रूम में आम लोगों के साथ सेहत कर्मियों के जाने पर भी पाबंदी है। सिविल अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अगर एंबुलेंस में कोई डेड बाॅडी लेकर आता है तो उसे कंटीन के पास ही रोक दिया जाता है और उससे कई सवाल-जवाब कर फिर डेड बाॅडी रखने दी जाती है। वहीं, सिविल अस्पताल का स्टाफ भी आतंकियों की लाशों को लेकर परेशान है। 36 दिन बाद भी होम मिनिस्ट्री से लाशों को ठिकाने लगाने के आदेश नहीं आए हैं।