सिविल में अब प्राइवेट रूम ~500 और एसी रूम ~1000 में मिलेगा
सिविलअस्पतालमें प्राइवेट कमरों का रेंट दो गुणा बढ़ाकर मरीजों पर और बोझ डाल दिया गया है।
सिविल अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सरकार की नई पालिसी के मुताबिक सिविल अस्पताल में प्राइवेट कमरे का चार्ज 300 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है। वहीं, अगर किसी मरीज ने एसी रूम लेना है तो उसे एक हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से चुकाने होंगे। नए आदेश के बाद सिविल अस्पताल प्रबंधन ने इमरजेंसी में रिसेप्शन कमरों के बाहर कमरों की रेट लिस्ट चिपका दी है। उधर, शहरवासियों ने सरकारी अस्पताल में प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर प्राइवेट कमरों के रेंट बढ़ाने पर विरोध जताया है। सिविल अस्पताल के मेल फीमेल वार्ड में बिना एसी के 2-2 कमरे हैं। इन कमरों का पहले 150 रुपए प्रतिदिन रेंट होता था। दो वर्ष पहले सरकार ने इसे बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया था। अब इन कमरो का रेंट प्रतिदिन 500 रुपए कर दिया है। वहीं, सेहत विभाग ने चिल्ड्रन वार्ड में स्पेशल गेस्ट रूम एसी वाले 2 स्पेशल कमरे बनाए हैं। जिनका प्रतिदिन रेंट एक-एक हजार रुपए रखा गया है।
सेहत विभाग का आदेश है:डॉ. सिंह
Ãसिविलअस्पताल के एसएमओ डाॅ. भूपिंद्र सिंह का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद प्राइवेट कमरों के नए रेटों की लिस्ट लगाई दी गई है। ताकि अस्पताल में मरीजों को परेशानी हो। यह फैसला सेहत विभाग का है और पूरे प्रदेश में लागू किया गया है।
सरकार कर रही गरीबों के साथ धक्का
Ãपठानकोटविकास मंच के चेयरमैन पार्षद नरेंद्र काला का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और दुखी लोग ही आते हैं। सरकार प्राइवेट कमरों का दो गुणा रेंट बढ़ाकर गरीब लोगों के साथ सरासर धक्का कर रही है। सरकार को प्राइवेट कमरों के रेट बढ़ाने की बजाए कम करने चाहिए।
Ãजीवन रक्षक सेवा समिति के प्रधान गुरप्रीत रिक्की का कहना है कि सरकारी अस्पताल में प्राइवेट कमरों के रेट बढ़ाना सरासर गरीब लोगों पर बोझ बढ़ाना है। ऐसे में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में फर्क खत्म हो जाएगा। राज्य सरकार की यह पालिसी लोगों के खिलाफ है।
इमरजेंसी में रिसेप्शन के बाहर प्राइवेट कमरों की लगी नई रेट लिस्ट। भास्कर