3 महिला एजेंटों के संपर्क में था एयरमैन सुनील
आरोपी से एनआईए ने की पूछताछ, जमानत देने वाले का भी रिकाॅर्ड चेक किया
भास्करसंवाददाता | पठानकोट
जासूसीमामलेमें गिरफ्तार पठानकोट एयरफोर्स के एयरमैन सुनील कुमार आईएसआई की 3 महिला एजेंटों के संपर्क में था। पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल किए चालान में इसका खुलासा हुआ है। दूसरी तरफ शुक्रवार को एयरबेस पर आतंकी हमले की जांच में जुटी एनआईए ने भी सुनील से पूछताछ की। इसके साथ ही उसकी जमानत देने वाले व्यक्ति का भी रिकाॅर्ड चेक किया गया है।
बता दें कि पुलिस ने डेढ़ साल बाद सुनील के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। पुलिस ने सुनील को धोखाधड़ी, आफिशियल सिक्रेट एक्ट 1923, अनलॉफुल एक्टिविटी (प्रीवेंशन) एक्ट और आईटी एक्ट 2000 समेत आईपीसी की 11 धाराओं के तहत आरोपी बनाया है। कोर्ट में दाखिल किए गए 500 पेेज के चालान में एक नक्शा, एयरफोर्स के टेक्निकल एरिया और अन्य जगहों की आधा दर्जन से ज्यादा फोटोग्राफ्स को अटैच किया है। चालान में पुलिस ने उसके आईएसआई की कथित एजेंट मीना के अलावा दो और महिला एजेंटों से संपर्क होने के बारे में आरोप लगाए हैं। उसके पास से एक पेन ड्राइव, एयरफोर्स की ट्रेनिंग और टेक्निकल जोन के बारे में दस्तावेज भी बरामद किए गए।
शुक्रवार को एनआईए के एक डीएसपी रैंक के अधिकारी ने एक घंटा तक सुनील से पठानकोट में पूछताछ की। उसके सामने सुनील ने आईएसआई को किसी भी सूचना को देने से इनकार कर दिया। एनआईए ने उसकी बैकग्राउंड, परिवार और अदालत में उसकी हाजरी के बारे में एक-एक करके सवाल किए हैं।
एनआईए ने उसकी जमानत देने वाले गुरदासपुर के व्यक्ति का भी रिकाॅर्ड लिया है। बता दें कि सुनील की जमानत गुरदासपुर के कश्मीरी लाल ने अपने प्लाट की कोर्ट में रजिस्ट्री करवाकर दी थी।
सुनील पर आईएसआई को गुप्त सूचना देने का आरोप
30अगस्त 2014 को पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात सुनील कुमार को आईएसआई की एक कथित महिला मीना रैणा को के संपर्क में आया था और उसे एयरफोर्स की गुप्त सूचनाएं दीं। एयरबेस कैंप की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, समय पर चालान पेश नहीं करने पर कोर्ट से सुनील को बेल मिल गई थी और उसके खिलाफ केस चलाने के लिए पुलिस 6 माह तक मंजूरी का ही इंतजार करती रही। 2 जनवरी को एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकी हमले के बाद मंजूरी मिलने पर पुलिस ने चालान कोर्ट में पेश कर दिया।