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जिले में खुलेंगे 43 मिनी सुविधा केंद्र, 5 पठानकोट में और 38 गांवों में

6 वर्ष पहले
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अबलोगोंको पासपोर्ट, आधार कार्ड अन्य सर्टिफिकेट बनवाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से जिले में 43 संगठित सेवा प्रदान केंद्र (मिनी सुविधा केंद्र) खोले जा रहे हैं। इन केद्रों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

बता दें कि मौजूदा समय में जिला पठानकोट में केवल एक ही सुविधा केन्द्र (एसडीएम कोर्ट में) होने के कारण लोगों को बर्थ डेथ सर्टिफिकेट सहित 32 तरह के काम करवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां रोजाना 600 से 700 लोग काम कराने आते हैं और कई लोग तो भारी रश के कारण बिना काम करवाए ही लौट जाते हैं। लेकिन, मिनी सुविधा केंद्र खुलने से लोगों का काम उनके गांव के पास ही मिनी सुविधा सेंटर में हो सकेगा।

5 गांवों के लिए बनेगा 1 केंद्र

जिलाप्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार इन केन्द्रों में से 38 ग्रामीण क्षेत्र में और 5 शहरी क्षेत्र में खाेले जाएंगे। शहरी क्षेत्र में 1 केंद्र पंगोली चौक सहित दो अन्य स्थानों को चयनित किया जाएगा। सरकार की योजना के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में बन रहे केन्द्रों की स्थिति इस तरह रखी गई है कि वह आसपास के 5 गांवों को सुविधाएं प्रदान कर सकंे। योजना के अनुसार औसतन पांच गांवों पर एक संगठित सेवा प्रदान केंद्र स्थापित करने लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक मिनी सुविधा केन्द्र पर 18.50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

तीन विभाग करेंगे 43 सुविधा केंद्रों का निर्माण

Ãपीडब्ल्यूडीके एक्सईएन मनमोहन सिंह ने बताया कि मिनी सुविधा केंद्रों के निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग, मंडी बोर्ड और पंचायती राज्य विभाग को सौंपा गया है। जिनमें से लोक निर्माण विभाग 26 केंद्रों और पंचायती राज मंडी बोर्ड 17 केंद्रों का निर्माण करवाएगा। इन सुविधा केंद्रों के बनने से लोगों को काम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और घर के पास ही विभिन्न प्रकार के सर्टिफिकेट अन्य काम कराने की सुविधा मिल पाएगी।

थरियाल में केंद्र का निर्माण कार्य शुरू

एक्सईएनमनमोहन सिंह ने बताया कि एक सुविधा सेंटर गांव थरियाल में बनाया जा रहा है जिसका कार्य प्रगति पर है और मई तक यह तैयार हो जाएगा। इन सेंटरों की बिल्डिंगों पर 10 लाख रुपए एवं अन्य सुविधाओं जैसे कंप्यूटर जनरेटर आदि पर 8.50 लाख रुपए खर्च होंगे। हर सुविधा केंद्र का खर्चा 18.50 लाख रुपए आएगा। इसी प्रकार ऐसे ही सेंटर गांव कमवाल, भनवाल, खदावर, फिरोजपुर कलां, पंगोली चौंक अन्य क्षेत्रों में बनाए जाएंगे। जिला प्रशासन की मानें तो मिनी सुविधा केंद्रों में विभिन्न प्रकार के लाइसेंस, पासपोर्ट आधार कार्ड सहित अन्य सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाई जाएंगी। अलग-अलग विभागों द्वारा दी जा रही आरटीएस (राइट टू सर्विस एक्ट) सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा।

जिलावािसयों को 32 तरह के कामों के लिए पठानकोट के सुविधा केंद्र में आना पड़ता है। कई बार हड़ताल तो कई बार रश के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है।