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भगोड़ा होने पर हो सकती है सात साल तक कैद

7 वर्ष पहले
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रावलपिंडीपुलिसने लड़ाई झगड़े के माह पुराने मामले में भगोड़ा करार व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध धारा 174ए के तहत नया मुकद्दमा दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है। भगोड़ा हाेने को अदालत के आदेशों का उल्लंघन मानते हुए किसी आरोपी के खिलाफ नया मुकद्दमा दर्ज किए जाने का जिले का यह पहला मामला है। आरोपी के खिलाफ पहले ही लड़ाई झगड़ा मारपीट करने, जब्री हवेली पर कब्जा करने के आरोपों के तहत केस दर्ज हैं। एसएचओ रावलपिंडी सतवंत सिंह ने बताया कि मंदीप सिंह पुत्र पाल सिंह वासी भाखिड़याणा ने अपने गैंग के सदस्यों जिंदा बोहानी, हैपो बोहानी, शामा अन्य के साथ मिलकर 16 जून 2013 को गांव भाखिड़याणा में पूर्व सरपंच सेवा सिंह पुत्र चरणजीत सिंह को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। सेवा सिंह के बयानों पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 326,324,341,148,149 के तहत मामला दर्ज किया था परंतु किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। अदालत ने 27 अक्टूबर 2014 को मनदीप सिंह को भगोड़ा करार दिया था।

12 अगस्त 2013 को करीब दो दर्जन व्यक्तियों ने गांव भाखिड़याणा में मंगल सिंह के घर में घुसकर मारपीट की थी। उनकी कार, जीप तथा ट्रैक्टर पर डीजल डालने के बाद कार की सामने के सीट को आग लगा दी थी। घर को लोगों द्वारा शोर मचाने पर आरोपी भाग खड़े थे। इस मामले में पुलिस ने मंदीप, हैप्पो, जिंदा अन्य के खिलाप आईपीसी की धारा 452,436,427,148,149 के तहत मामला दर्ज किया था।

इसी साल 16 जून को गांव भाखिड़याणा में पूर्व सरपंच की हवेली में जब्री घुसकर दो दर्जन के करीब नाैजवानों द्वारा मारपीट कर उनके नौकरों उनकी प|ी हरप्रीत को हवेली से बाहर निकाल दिया गया था। इस मामले में हरप्रीत कौर ने पुलिस पर सुनवाई करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, डीआईजी जालंधर सहित मानवाधिकार आयोग को मामले की शिकायत की थी। इसके बाद थाना रावलपिंडी में मंदीप, जिंदा, हैप्पो सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 448,511,506 के तहत मामला दर्ज कर लिया था।

एसएचओ ने बताया कि मंदीप की गिरफ्तारी ने बाद अन्य आरोपियों के ठिकाने पता करके वहां भी छापामारी की जा रही है जल्द ही बाकी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

तीनसे सात साल तक की सजा का प्रावधान

2005में अाईपीसी में किए गए संशोधन के बाद धारा 174ए को शामिल किया