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- अंगूठी बेचने के बहाने श्री राधे डायमंड्स में घुसे चार गुंडे, गन दिखा 25 लाख लूटे
अंगूठी बेचने के बहाने श्री राधे डायमंड्स में घुसे चार गुंडे, गन दिखा 25 लाख लूटे
शहरकेसारे ज्वैलर्स का ध्यान इनकम टैक्स की रेड पर था। बंगा रोड पर बिल्लू-पप्पी ज्वैलर्स और सर्राफे के लिए मशहूर अपरा कस्बे में इनकम टैक्स की रेड चल रही थी। खबर ली जा रही थी कि कहां क्या हुआ। सात बज चुके थे। इधर पॉश हरगोबिंदनगर के श्री राधे डायमंड्स में घई पिता-पुत्र स्टोर में दिन भर का हिसाब-किताब करने में जुटे थे। कुछ ही देर में स्टोर बढ़ाने की तैयारी थी।
मोहित घई काउंटर पर थे। साथ में उनके दादाजी कृष्ण चंद और दो और साथी भी थे। पिता राकेश घई पास में ही घर में थे। अचानक दो मुंडे अंदर आए। एक केशधारी था। उनमें से एक ने अपनी अंगूठी निकालकर कहा - हमने ये अंगूठी बेचनी है। मोहित घई ने बताया - हमने कह दिया कि हम पुराना सोना नहीं खरीदते। किसी और दुकान पर चले जाएं। हम सोचे चले जाएंगे। तभी उसने अपनी कमर से पिस्टल निकाली तो हम घबरा गए। उसे सारा माल इकट्ठा करने को कहा। इतने में दो और गुंडे भी घुस आए। उनके पास भी पिस्टल थीं। मोहित ने बताया - उन्होंने आते ही मेरे कंधे पर कोई भारी चीज मारी। मैं बिलबिला गया। गुंडों ने हमें दुकान के पीछे कमरे में जाने को कहा। दुकान पर कैमरों का कनेक्शन घर पर था। मोहित के पिता राकेश घई भी भागे-भागे दुकान पर आए। गुंडों ने उन्हें भी पिस्टल दिखाकर अंदर धकेल दिया। एक गुंडे ने मुंह ढांप रखा था।
लुटेरों ने एक तरफ जेवरात समेटे। दूसरी ओर कैमरे भी उखाड़ दिए। ज्वैलरी बैग में भरी। सबको एक कमरे में धक्का मार कर फरार हो गए। जाते हुए घई की कार की चाभी भी ले गए।
मोहित ने बताया कि चोर उनकी दुकान के कैमरे तो ले गए लेकिन उनकी रिकार्डिंग करने वाला डीवीआर नहीं ले जा सके। यह पता लग गया है कि चोर उनकी दुकान में एसेंट कार (पीबी 42 एडी 0014) से आए। वे सोने के सात बड़े सेट, 7 टॉप्स सेट, 7 अंगूठियां, एक लैपटॉप, 2 मोबाइल फोन लूट ले गए। इनकी कीमत 25 लाख से ज्यादा आंकी जा रही है।
डीएसपी सुखविंदर सिंह, एसएचओ सिटी रविंदर सिंह ने मौके पर आकर शहर की नाकाबंदी करवाई। कुछ ही देर में जालंधर से आईजी लोकनाथ आंगरा, डीआईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह और कपूरथला से एसएसपी धनप्रीत कौर और एसपी जालंधर देहाती हरकमलप्रीत सिंह खख भी गए। रात 11 बजे तक भी ये सारे अफसर स्टोर में थे। वे सीसीटीवी फुटेज देख रहे थे। शहर और आसपास के कस्बों में नाकेबंदी करवाकर लुटेरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही थी।