युवा वर्करों ने नेत्रदान के फार्म भरे
रामा मंडी | रामामंडी के जैन भवन में जैन संत श्री सुशील मुनि जी महाराज और उनके शिष्य श्री संयति मुनि जी महाराज द्वारा जैन श्रद्धालुओं को नेत्रदान के महत्व संबंधी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मौत के बाद नेत्रों को अग्नि भेंट करने से कहीं अच्छा है कि अपने नेत्रदान करो और दो आंखों से वंचित व्यक्तियों को दुनिया देखने के लिए ज्योति प्रदान करो। इस मौके पर उपस्थित जैन श्रद्धालुओं ने प्रण किया कि वह मृत्यु के पश्चात नेत्रदान करेंगे। इस मौके एसएस जैन सभा के युवा वर्करों ने सैकड़े श्रद्धालु भाइयों और बहनों के नेत्रदान के फार्म भरे। इस मौके शांति देवी प|ी डा. रमेश जैन ने नेत्रों के साथ शरीर भी दान करने का प्रण लिया।(कृष्ण कुमार)