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8 महीने पहले काटे गए थे दोनों पैर, फिर भी जॉब पर लौटे

7 वर्ष पहले
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आॅरिएंटलबैंकआॅफ काॅमर्स के सीनियर मैनेजर राज कुमार गर्ग अपनी हिम्मत से केवल परिवार के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने। जनवरी 2014 में उनको वैगनार बीमारी हो गई थी। इसके कारण शरीर में गैंगरीन फैलने की आशंका बनी रहती है। इसलिए उनके दोनों पैर काट दिए गए। आठ महीने बाद एक बार फिर वह बैंक में काम पर लौटे और वह भी सीनियर पोस्ट पर। 55 वर्षीय राजकुमार ने बताया कि उनके पैरों में परेशानी रहती थी। जब उसकी जांच कराई तो पता चला कि वह वैगनार से पीड़ित हैं। जनवरी में ऑपरेशन कराया और दोनो पैर काट दिए गए। पांच-छह महीने तक घर में आराम किया। प|ी दोनों बच्चे यही समझाते थे। पर मैं परिवार के भविष्य के बारे में चिंतित था।

पैर सुन्न हो जाते थे

राजने बताया कि उनको पहले बुखार आने लगा। बाद में पैर काले पड़ने लगे। धीरे-धीरे कालापन पैर के निचले हिस्से से ऊपर की ओर बढ़ने लगा। पैर सुन्न लगते। चलने पर ऐसा लगता कि पैर डेड हो चुके हैं। जांच में पता चला कि गैंगरीन हो सकती है।।

बचपन से संत महात्माओं का सानिध्य मिला और इसके चलते मनोबल कायम रहा। बैंक अफसरों के पाॅजिटिव रवैये के चलते उसने पिछले महीने बैंक की स्थानीय शाखा में बतौर सीनियर मैनेजर जाॅब संभाली। उनका साथियों ने स्वागत किया।

मनोबल कायम रहा, इसलिए यहां पर रहे