30 साल पहले निहंग बना था बलविंदर
30सालपहले निहंग बने गांव साधूगढ़ निवासी बलविंदर सिंह ने भतीजे बहादुर सिंह उसकी प|ी मनजीत कौर की हत्या की जानकारी करीब तीन दिन पहले गांव वालों को दे दी थी। बहादुर से एक एकड़ जमीन वापस लेने के लिए उसका अक्सर झगड़ा होता रहता था। हालांकि उसने अपनी जमीन करीब 14 साल पहले बहादुर के बेटे सतविंदर के नाम कर दी थी। बहादुर बलविंदर को 20 हजार रुपए देता था क्योंकि उसने जमीन बट्टे पर ले रखी थी।
आरोपी निहंग कुंवारा था। गांव वालों ने बताया कि आरोपी कह रहा था कि उसने अरदास की है कि वह सभी को मार देगा। उसके पास चार एकड़ जमीन थी। निहंग ने करीब 14 साल पहले ही जमीन को पोते सतविंदर के नाम कर दी थी। आरोपी निहंग बहादर सिंह पर जमीन खाली करने का दवाब डालता रहता था। 70 साल के बलविंदर ने भतीजे उसकी प|ी की हत्या शनिवार रात 11 बजे की थी। गांव साधूगढ़ निवासी और समाना सिविल अस्पताल में दाखिल सतविंदर ने बताया कि कुछ समय से उसके दादे और पिता के बीच जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। शनिवार रात जब सभी सो रहे थे, अचानक मेरे दादे जगतार सिंह का भाई बलविन्दर सिंह सीढ़ी की मदद से दीवार कूदकर घर में घुसा। उसके पास बरछी थी। उसने लॉबी में सो रही मां मनजीत कौर पर हमला किया। पास सो रहे पिता बहादर पर हमला कर उनको घायल कर दिया। सतविंदर ने बताया कि उसके बाद आरोपी ने मेरी टांग पर प्रहार किया, पर वो किसी तरह से बच निकला। साथ वाले कमरे में सो रहे मेरे दादा जगतार को मारने की कोशिश की। पर उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया। दरवाजा बंद करते वक्त उनके हाथ पर बरछी लग गई और वो जख्मी हो गए। शोर मचाने पर वह भाग निकला। बहादर एलआईसी का मुलाजिम था। मौके का मुआयना एसएसपी हरदयाल सिंह मान, एसपी-डी जसकरणजीत सिंह तेजा डीएसपी अमरजीत सिंह घुम्मन ने किया। उन्होंने भी हादसे की वजह जमीनी रंजिश बताई। थी। बता दें मृतक बहादुर का पिता जगतार सिंह और आरोपी बलविंदर भाई भाई हैं। गांव वालों ने बताया कि बहादुर बच सकता था, अगर उसने शराब पी होती। पिछले सात महीनों से वह शराब नहीं पी रहा था। इतना ही गांव में देर रात तक चौपाल भी लगती थी, पर वारदात वाले दिन सब कुछ सामान्य सा था।
मृतक बहादर सिंह मनजीत कौर
सिविल अस्पताल मे इलाज के लिए भर्ती जख्मी सतविंदर सिंह।