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आज खत्म हो सकती है ऑटो की हड़ताल

6 वर्ष पहले
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प्रशासनद्वारा किराया कम किए जाने के विरोध में ऑटो चालकों की रविवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। इस दौरान ऑटो चालक बस स्टैंड परिसर में ही अपने-अपने ऑटो खड़े कर धरने पर बैठे रहे तथा सरकार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

रविवार को ऑटो यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष तस्वीर सिंह टांक ने महेंद्रगढ़ पहुंचकर ऑटो चालकों की मांगों को जायज ठहराया। इस दौरान उन्होंने दूरभाष पर महेंद्रगढ़ के एसडीएम उमेद सिंह मोहन से बात की। जिस पर एसडीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि सोमवार को आरटीओ तहसीलदार के साथ उनकी बैठक करवा कर जो भी समस्या है उसका समाधान कर दिया जाएगा। रविवार को अवकाश होने के कारण मीटिंग नहीं हो सकी। रविवार को पटोदी के ऑटो यूनियन के प्रधान अजीत सिंह तंवर नारनौल से सुभाषचंद्र ने महेंद्रगढ़ ऑटो यूनियन का समर्थन किया। ऑटो नहीं चलते के कारण रविवार भी यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने दूसरे दिन भी खच्चर रेहडिय़ों का सहारा लिया तो कुछ लोग बेबस पैदल ही यात्रा करने को मजबूर रहे।

ऑटोयूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे महेंद्रगढ़

महेंद्रगढ़ऑटो यूनियन की मांगों के समर्थन में रविवार को ऑटो यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष तस्वीर सिंह टांक भी पहुंचे। उन्होंने ऑटो चालकों से विचार-विमर्श करते हुए प्रशासन द्वारा किराया कम करने पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि आज के महंगाई के इस दौर में 5 रुपए किराया करना न्यायसंगत नहीं हैं। उन्होंने कम से कम 10 रुपए किराया रखने की बात कही। इसके बाद उन्होंने महेंद्रगढ़ के ऑटो चालकों की मांगों को लेकर एसडीएम उमेद सिंह मोहन से बात की। जिस पर एसडीएम ने उन्हें सोमवार को मिलने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आज रविवार का अवकाश है। सोमवार को आरटीओ तहसीलदार के साथ बैठक कर ऑटो चालकों की समस्या पर विचार किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष तस्वीर सिंह ने कहा कि यदि महेंद्रगढ़ ऑटो चालकों की मांगे नहीं मानी गई तो प्रदेश में चलने वाले लगभग साढ़े तीन लाख ऑटो चालक हड़ताल पर बैठ जाएंगे। इस मौके पर ऑटो यूनियन महेंद्रगढ़ के प्रधान सुरेश कुमार गोठवाल धोली ने कहा कि ऑटो का किराया कम करके प्रशासन ने उनके अधिकारों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कही भी ऑटो का किराया पांच रुपए नहीं हैं, फिर महेंद्रगढ़ में जबरदस्ती यह किराया लेने का नियम उन पर क्यों लादा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कहा था कि हर गरीब को पेटभर खाना मिलेगा और अच्छे दिन आएंगे, जबकि ऑटो चालक का दो दिनों से चूल्हा तक नहीं जला और ना ही प्रशासन ने उनकी तरफ कोई ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को सुविधाएं देनी है तो रोडवेज बस रेल किराया में कमी करें ताकि लोगों को भारी भरकम किराए से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

दूसरे दिन भी आस के साथ हुआ सफर

लगातारदूसरे दिन भी ऑटो चालकों की हड़ताल के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने खच्चर रेहडिय़ों का सहारा लिया, वहीं कुछ लोग पैदल ही यात्रा करने के लिए मजबूर नजर आए। ऐसे में विशेषकर छोटे बच्चों वाली महिलाओं, बुजुर्गों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वे ऑटो के लिए दर-दर भटकते देखे गए। हड़ताल के दौरान प्रधान सुरेश गोठवाल, मनोज कुमार, संदीप सैनी, नरेन्द्र कुमार, अजीत, सोनू शर्मा, सोनू सैनी, रिंकू, मनीष, कमल, सुनील, सतबीर, राजेश, मुकेश, रामचन्द्र, आनंद, सतीश कुमार, जितेन्द्र, हवासिंह, धर्मेंद्र, पवन कुमार, शेरसिंह सहित काफी संख्या में ऑटो चालक मौजूद थे।

हड़ताल थी फिर भी लोगों ने किया सफर, घोड़ा गाड़ी बनी सहारा।

हड़ताल पर बैठे चालकों से बताचित करते यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष तसवीर सिंह टांक।