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वाणी पर संयम रख घर में क्लेश से बचें: साध्वी श्रेष्ठाजी महाराज

7 वर्ष पहले
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एसएसजैन सभा में चातुर्मास के लिए विराजमान प्रवचन प्रभाविका महासाध्वी श्री श्रेष्ठा जी महाराज ने कहा कि यदि वाणी पर संयम रखना गया, वाणी पर अपना अधिकार रख लिया तो घर में परिवार में क्लेश, झगड़ा नहीं होगा। वाणी का जीवन में बहुत महत्व है, यदि वाणी पर संयम होगा तो हमारे जीवन को दूषित होने से बचा लेगी ये वाणी। तो कड़वा बोलने का मूल्य है, मीठा बोलने का तो क्यों मीठा बोला जाए। ताले की एक ही चाबी होती है उसी से ताला खुलता है और बंद हो जाता है। एक ही जुबान से मीठा और कड़वा बोला जाता है।

हिटलर ने कहा कि ये ढाई इंच की जुबान इंसान का कत्ल कर देती है। इस जुबान में इतनी ताकत है। दो भाई जिन के मन में इतना प्यार है एक पल भी एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते थे लेकिन एक जुबान के कारण कुछ शब्दों के कारण आज एक-दूसरे का मुंह देखना भी पसंद नहीं करते। ये जुबान कोई तोहफा, उपहार नहीं है। बहुत साधना करने पर ये जुबान मिलती है। हमारे शरीर में पांच इंद्रियां हैं-कान, आंख, नाक, स्पर्श, जुबान। सबको एक-एक काम मिला लेकिन जुबान को खाने और बोलने के दो काम मिले हैं। हमें विवेक से बोलना चाहिए। उन माता-पिता से पूछकर देखो जिनके बच्चे बोल नहीं सकते।

भगवान महावीर स्वामी से गौतम स्वामी ने पूछा इंसान गूंगा किन कर्मों से बनता है। तो भगवान ने कहा जो इंसान अपनी जुबान से कड़वा बोलता है, दूसरों के दिल को तोड़ता है, दुखाता है वह गूंगा बनता है। भगवान महावीर स्वामी ने साढ़े 12 वर्ष तक मौन किया तो उनकी वाणी को सुनने देखता भी आए। शास्त्रकार भी कहते हैं जो 12 वर्ष तक मौन करता है उसे वाक सिद्धि प्राप्त हो जाती है। वो जो कुछ बोल देता है वो सब सच हो जाता है।

राजा अकबर ने पूछा कि इस दुनिया में सबसे तेज कौन सी चीज काटती है। किसी ने कहा कि सांप काटता है तो दूसरा बोला बिच्छू। बीरबल से पूछा तो उसने कहा-जुबान। अकबर ने पूछा वो कैसे, मुझे करके दिखाओ। तो बीरबल ने बेगम को भोजन पर आमंत्रित किया। बेगम बीरबल के घर आई।

खूब आव भगत की लेकिन बीरबल ने दासी से कहा जब ये भंगण जाए तो यहां की जगह को गंगा जल से साफ कर देना। जब बेगम ने बात सुनी तो बहुत गुस्सा आया। तिलमिला कर राजा के पास पहुंची पूरी बात बताई।

राजा ने बीरबल को फांसी की सजा सुना दी। बीरबल ने कहा राजन मरने वाले की आखिरी इच्छा पूछी जाती है। मेरी इच्छा है अपने कहा था कि ते