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भाजपा नेताओं की शिकायत पर पीआरटीसी के एमडी हुए तलब

7 वर्ष पहले
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सरकारके लाख दावों के बावजूद सिटी के बस स्टैंड की दयनीय हालत में कोई सुधार नहीं आने पर पंजाब मानवाधिकार कमीशन ने मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बस स्टैंड की दयनीय हालत पर पीआरटीसी अधिकारियों की ओर से पंजाब मानवाधिकार कमीशन को भेजी गई रिपोर्ट पर भाजपा की ओर से असंतुष्टि जताने पर कमीशन ने पीआरटीसी के प्रबंधकीय निर्देशक को तलब किया है। भाजपा का आरोप है कि पीआरटीसी के अधिकारी बस स्टैंड की हालत पर गलत रिपोर्ट कमीशन को सौंप कर गुमराह कर रहे हैं।

यहहै बस स्टैंड की मौजूदा हालत : बतादें कि बस स्टैंड के टूटे फर्श, पसरी गंदगी, शौचालयों की दयनीय हालत, पीने के पानी की समस्या, यात्रियों के बैठने के लिए कोई प्रबंध नहीं होने, बसों के टाइम टेबल नहीं लगे होने सहित ढेरों परेशानियों से यात्री वर्षों से जूझ रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि सरकार मामले से अंजान है। बस स्टैंड की हालत को सुधारने के लिए कई बार सरकारी घोषणाएं भी हो चुकी हैं। बावजूद बस स्टैंड की हालत को सुधारा नहीं जा सका है।

मामलेको लेकर कमीशन में पहुंची भाजपा : भाजपाके प्रतिनिधि मामले को लेकर सड़कों पर चुके हैं। भाजपा के प्रदेश सचिव जतिन्द्र कालड़ा सहित दर्जनों भाजपाइयों और शहर के लोगों ने 11 दिसंबर 2013 को रोष मार्च कर बस स्टैंड की हालत को सुधारने की गुहार लगाई थी। जतिन्द्र कालड़ा ने 16 दिसंबर 2013 को संगरूर में पहुंचे मानवाधिकार कमीशन के सदस्य बलजिन्द्र ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपकर मामले से अवगत करवाया था। जिस पर कमीशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 6 जनवरी 2014 को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया था।

भास्कर ने उठाया था मामला

सिटीके बस स्टैंड में मुसाफिरों को पेश रही समस्याओं और बस स्टैंड की लगातार बिगड़ती हालत को लेकर समय-समय पर दैनिक भास्कर की ओर से भी मामले को प्रमुखता से उठाया गया है। इस दौरान सत्ताधारियों ने दावा किया था कि बस स्टैंड को नए सिरे से बनाने के लिए प्लान बन चुका है। जल्द बस स्टैंड का निर्माण होगा।

पीआरटीसी के एमडी को 28 जनवरी को कमीशन के पास अगली पेशी

कालड़ाने मीडिया को बताया है कि पीआरटीसी अधिकारियों की ओर से कमीशन को गलत जवाब पेश कर गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में कमीशन की ओर से पीआरटीसी के एमडी को कमीशन के समक्ष खुद पेश होने के लिए कहा गया