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अध्यापकों मंे शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ रोष
सर्वशिक्ष अभियान/ राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अध्यापक यूनियन की जिला स्तरीय बैठक बनासर बाग में जिला प्रधान निर्भय सिंह की प्रधानगी में हुई। बैठक के दौरान सरकार की लोक विरोधी शिक्षा विरोधी नीतियों के विरुद्ध जमकर भड़ास निकाली गई। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री की रिहायश के सामने बेरोजगार लड़की की ओर से खुद को आग लगाने की घटना के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। अध्यापक यूनियन के गुरप्रीत सिंह पिशौर ने कहा कि अध्यापकों को छह वर्षों तक ठेका आधार पर सेवा निभाने बाद भी पंजाब शिक्षा विभाग में रेगुलर नहीं किया जा रहा है और ही पंजाब सिविल सर्विसेस रूल्स लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को चार माह से वेतन भी नहीं मिला है। सरकार के इस रवैये के विरुद्ध यूनियन की ओर से 21 दिसंबर को रोपड़ में राज्य स्तरीय कन्वेंशन की जा रही है। जिस में पंजाब सरकार की अध्यापक, मजदूर और किसान विरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया जाएगा। मांग की गई कि सर्व शिक्षा अभियान/ राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत काम करते अध्यापकों को पंजाब शिक्षा विभाग में रेगुलर किया जाए। पंजाब सिविल सर्विस रूल्स लागू किए जाए। बठिंडा में अध्यापकों पर दर्ज किए गए झूठे पुलिस केस को रद्द किया जाए। महिला अध्यापकों को रेगुलर अध्यापकों की तरह छह महीने की प्रसूता छुट्टी दी जाए। मेडिकल जमा छुट्टियों का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाए। मौके पर निर्भय सिंह, अमन शर्मा आदि उपस्थित थे।