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गौ रक्षा के लिए भक्तों ने शहर में निकाला रोष मार्च
गौपर अत्याचार को लेकर बुधवार को गौ भक्तों का गुस्सा भड़क उठा है। पंजाब के विभिन्न जिलों से जुटे गौ भक्त शहर की सड़कों पर रोष मार्च करते हुए जिला प्रबंधकीय कार्यालय पहुंचे। इस दौरान गौ भक्तों ने गौ माता करे पुकार, बंद करो उस पर अत्याचार नारों से गौ रक्षा के लिए आवाज को बुंलद किया। जिला प्रबंधकीय परिसर में गौ भक्तों ने गौ की रक्षा के लिए एडीसी प्रीतम सिंह जौहल को ज्ञापन सौंपा। गौ भक्तों का आरोप है कि पंजाब के मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल ने गौ भक्तों के साथ गौ सेवा संभाल और सुरक्षा के लिए किए वादों को पूरा नहीं किया है।
इस मौके पर विभिन्न गौ सेवा और रक्षा संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि पंजाब भर में करीब 415 गौशालाओं में बीमार, बूढ़ी, लाचार गौ-बैल, बछड़े आदि की संभाल की जा रही है परंतु 1 लाख से भी अधिक गौ-बैल और बछड़े पंजाब की सड़कों, बाजारों और खेतों में घूम रहे हैं। ऐसे में गौ धन की बेकद्री हो रही है। इससे यातायात में भी विघ्न पड़ रहा है। खेतों में फसलों का नुकसान हो रहा है। मौके पर गौ सेवा मिशन के राष्ट्रीय प्रधान स्वामी कृष्णनंद, संत बाबा शुद्ध सिंह महाराज माछीवाड़ा, स्वामी देवरत्त महाराज लुधियाना, रविनंदन शास्त्री पठानकोट, महंत गोबिंद दास बटाला, बाबा दविन्द्र कौड़ा बंगा, विनोद कुमार ज्यानी फाजिल्का, मनदीप बख्शी जालंधर, दविन्द्र सिंह मानसा, संत रवि गिरी खेड़ी, सुंदर दास धमीजा लुधियाना, रमेश गुप्ता संगरूर, पवन गर्ग, विमल कुमार, राजिन्द्र कुमार, पुखराज, राम पाल मानसा आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्रीनिवास के घेराव का ऐलान : गौभक्तों का आरोप है कि गौ भक्त कई बार मांगों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री की ओर से मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा भी दिया गया था। जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। जिस कारण गौ सेवा से जुड़ी संस्थाओं और समाज की ओर से पंजाब सरकार और मंत्रियों की कोठियों का घेराव करने का फैसला लिया गया है। मांगों पर अमल किया गया तो 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री निवास का चंडीगढ़ में घेराव किया जाएगा।
पंजाब के बुचड़खानों को जल्द बंद किया जाए, बुचड़खानों के खुलने पर रोक लगाई जाए, गौ हत्या और तस्करी करने वालों को 10 वर्ष की कैद सुनाई जाए, गौचर भूमि गौशाला को दी जाए, गौधन के लिए मुख्यमंत्री की ओर से रोजाना गौशा