एनपीए लेने के बावजूद निजी प्रैक्टिस कर रहे सरकारी डॉक्टर
सरकारसे नॉन प्रैक्टिस अलाऊंस (एनपीए) लेने के बावजूद सुबह-शाम अपने घरों में निजी प्रैक्टिस करके मोटी कमाई कर रहे सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ शहर की समाजसेवी संस्था पब्लिक वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ने मोर्चा खोल दिया है।
संस्था ने डॉक्टरों पर शिकंजा कसने सिविल अस्पताल में आम लोगों की लूट को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। प्रेेस वार्ता के दौरान संस्था के प्रधान एडवोकेट दसवीर सिंह डल्ली ने कहा कि सरकारी डॉक्टर वेतन के अलावा एनपीए भी सरकार से वसूलते हैं, बावजूद इसके डॉक्टर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसा करके वह सरकार को मोटा चूना लगा रहे हैं। ऐसी हालत में आम लोगों का सरकारी अस्पतालों में सही इलाज संभव नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि एनपीए लेने वाले सरकारी डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के बाद कोई डॉक्टर घर पर निजी प्रैक्टिस करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में जन औषधि केंद्र से लोगों को दवाएं मिलना यकीनी बनाया जाएगा। इस मौके पर संस्था के उप प्रधान केहर सिंह और महासचिव प्रदीप बातिश भी मौजूद थे।
आर्गेनाइजेशन के प्रधान दसवीर सिंह डल्ली और अन्य बातचीत करते हुए।