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निजी ऑडिट के विरोध में सड़क पर उतरी पंचायत यूनियन, रोष
पंचायतयूनियन के प्रतिनिधि और गांवों में विकास कार्य में लगे कर्मचारी मंगलवार को सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। गुस्साए सदस्यों ने जिला प्रबंधकीय परिसर के सामने धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन सदस्य सरकार के पंचायतों के कार्य को आॅडिट करवाए जाने के फैसले से खफा हैं। धरने की अगुवाई पांच जिलों के इंचार्ज प्रितपाल सिंह काकड़ा और जिला संगरूर के प्रधान धरमिंदर सिंह कर रहे थे।
इस अवसर पर यूनियन के पंजाब प्रधान हरमिंदर सिंह मावी ने कहा कि पंजाब सरकार पंचायतों पर लोक विरोधी फैसले थोप रही है। जिस का पंजाब की पंचायतें मुंह तोड़ जबाव देंगी। लोक विरोधी फैसलों को लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने पंचायतों को दिए गए अधिकारों को छीनना शुरू कर दिया है। गांवों से चुने गए प्रतिनिधियों को जलील करने के लिए पंचायतों की ओर से करवाए गए विकास कार्यों के कामों का आॅडिट निजी कंपनियों को ठेका देकर सीए से करवाया जा रहा है। सरकार ऐसा कर पंचायतों पर रिकवरी निकाल कर खाली पड़े खजाने को भरने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी सरकारों ने पंचायतों पर लोक विरोधी फैसले थोपने की कोशिश की है। जिसे यूनियन के संघर्ष के बाद सरकारों को वापिस लेना पड़ा है। अब फिर से कार्यों का निजी कंपनियों से आडिट करवा कर पंचायतों को परेशान किया जा रहा है। जिसका पूरे पंजाब भर में विरोध किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मांगों की पूर्ति के लिए यूनियन की ओर से मोहाली में विकास भवन के समक्ष विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार के फैसला वापस लेने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस मौके पर नरिन्दरपाल सिंह बाजवा, गुरविंदर सिंह गोरा, हरमेश विरदी, मनदीप सिंह सिधू, गुरजीत सिंह, राजिन्द्र सिंह, गुरप्यार सिंह, अजरेज सिंह, बलजिंदर सिंह चन्नों, विक्कर सिंह, रछपाल सिंह, गुरदेव सिंह, बलदेव सिंह, सर्वजीत सिंह, मालविंदर सिंह, कुलवंत सिंह, राजदीप सिंह, हरमिंदर सिंह आदि उपस्थित थे।
यह हैं मांगें
पंजाबकी पंचायतों के निजी सीए से आॅडिट के फैसले को वापस लिया जाए, पंचायतों के विकास कार्य का आॅडिट सरकारी सीए से करवाया जाए, पंचायतों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जाए, प्रदेश में 73वीं संशोधन लागू करके 29 विभागों का वित्तीय और प्रशासकीय प्रबंध पंचायत राज को मजबूत करने के लिए पंचायतो