किसानों ने सरकार के पुतले फूंके
किसानोंकी मांगों को लेकर विपक्ष ने भी पंजाब सरकार और केन्द्र सरकार के विरुद्ध कड़ा रुख अपना लिया है। सोमवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के किसान और खेत मजदूर सेल के सदस्यों ने सड़कों पर उतर कर किसानों के पक्ष में अपनी आवाज को बुलंद किया। जिले भर से सैकड़ों की संख्या में जुटे सदस्यों ने डीसी कार्यालय के सामने धरना देने के बाद लालबत्ती चौक में मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतले फूंके। सेल के आरोप है कि सत्ताधारी किसानों की मांगों को अनदेखा कर रहे हैं।
सेल के जिला चेयरमैन राजिंदर राजा बीरकलां ने कहा कि पंजाब का किसान सरकार की विरोधी नीतियों के कारण प्रतिदिन आर्थिक तौर पर कमजोर हो रहा है। इसके चलते अनेक किसान, खेत मजदूर आत्महत्याएं करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। विश्वविद्यालय की रिपोर्ट के अनुसार 25 सौ से अधिक किसान और खेत मजदूर आत्महत्या कर चुके हैं।
नेताओं ने कहा है कि सूखे के कारण किसानों को फसलों पर अधिक खर्च करना पड़ा है। बेमौसमी बरसात के कारण काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने 420 रुपए प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा करके किसानों के साथ मजाक किया है। किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। सरकार की नीतियों के कारण वर्तमान समय में खेती लाभदायक नहीं रही है।
नेताओं ने दावा कि केन्द्र की पूर्व यूपीए सरकार ने हमेशा किसानों का ख्याल रखा था। किसानों के करोड़ों रुपए के कर्ज माफ किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की मांगों की पूर्ति तक अपने संघर्ष का जारी रखेगी। मौके पर कांग्रेस जिला प्रधान माई रूप कौर बागडिय़ा, कांता कोठाला, सनमीक हैनरी, सुबेदार दर्शन सिंह, बलविन्दर सिंह, हरविन्द्र शेरों, जसपाल खालसा, दर्शन कांगड़ा, निरंतक बालियां, मालविन्द्र चट्ठा, गुरजंट घावदां, निर्भय सिंह चंगाल, सिमरजीत सिंह, अवतार सिंह उपस्थित थे।
किसानों को 5 हजार रुपए प्रति एकड़ सूखाग्रस्त मुआवजा दिया जाए, बेमौसमी बरसात से फसलों के नुकसान की पूर्ति के लिए 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए, धान की खरीद के समय नमी की शर्तें 20 प्रतिशत की जाए, कनक और धान का समर्थन मूल्य कम से कम 35 सौ रुपए प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए, मक्की की खरीद सरकारी दाम 13 सौ पर यकीनी बनाई जाए, आत्महत्या करने वाले पीड़ित परिवारों को पांच लाख रुपए आर्थिक मदद की जाए, पीडि़त परिवार के सद