स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए जागरुकता जरूरी : सिविल सर्जन
स्वाइनफ्लू छूत की बीमारी है, जिसकी रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी है। यह बीमारी आम मौसमी फ्लू की तरह एक से दूसरे व्यक्ति तक फैलती है। इसका वायरस खांसी या नज़ले वाले मरीजों के खांसने या नज़ले के तरल कणों से हवा में मिलकर स्वस्थ व्यक्ति तक पहुंचता है। उक्त जानकारी सिविल सर्जन डा. सुबोध गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि तेज बुखार, भूख कम लगनी, खांसी, जुकाम, उल्टियां, गला खराब होना, डायरिया आदि स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। उन्होंने स्वाइन फ्लू से बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि बीमार व्यक्ति को स्वस्थ व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। खांसी या छींक आने पर बीमार व्यक्ति को रूमाल से मुंह ढंकना चाहिए। व्यक्ति को पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। बीमार व्यक्ति को साबुन से बार-बार हाथ धोने चाहिए।