आसमान में दिनभर चला पतंगबाजी का दंगल
ऊंचाई की लड़ाई
बसंतपंचमी का लुत्फ उठाने के लिए लोग शुक्रवार का दिन निकलने से पहले ही चौबारों पर चढ़ गए थे। शुक्रवार की सुबह 9 बजे तक घना कोहरा छाया रहा जिस कारण पूरी तरह से पतंग नहीं उड़ पाई लेकिन 9 बजे के बाद धूप आने से आसमान पूरी तरह से साफ हो गया।
हवा ने भी पतंगों का खूब साथ दिया। जिसके बाद पूरा दिन पतंगबाजी का दंगल चलता रहा है। पतंगबाजी के दंगल का सबसे अधिक जोर सुनामी गेट बाहर रोक्सी रोड, प्रेम बस्ती, महल मुबारक पर रहा है। जहां हर चौबारों पर 15 से अधिक सदस्य पतंगबाजी का खूब लुत्फ उठा रहे थे। चौबारों पर बच्चों के साथ-साथ युवा, दंपति और बुजुर्ग भी दिखाई दिए। पतंगबाजी के साथ लोग संगीत की धुन पर खूब थिरक रहे थे।
बीच सडक़ पतंग लूटता बच्चा। -सभी फोटो भूपिंदर सुनामी
पतंग उड़ाने के लिए छतों पर लगा रहा जमावड़ा।
आम दिनों की तरह कुछ ऐसे बच्चे भी थे जो परिजनों की लापरवाही के चलते अपनी आदतों से बाज नहीं आए। मतलब कुछ बच्चे पूरा दिन पतंग लूटने के लिए मोर्चा संभाले हुए थे। वे बांस पर कांटेदार झाड़ी एवं तार थामे रहे। ऐसे में आधा दर्जन से अधिक बच्चों को चोट भी लगी है। एसएमओ डा. बलवंत सिंह का कहना है कि चाइना डोर से घायल होने का कोई भी मामला अस्पताल में नहीं आया है। हालांकि दो बच्चे जरूर घायल हुए हैं।
नाइट बैलून भी उड़ाए
दिनढलने के साथ ही नाइट बैलून का सिलसिला भी शुरू हो गया। जिस तरह दिन में आसमान पतंगों से भरा नजर आया उसी तरह रात के समय आसमान में नाइट बैलून दिखाई दे रहे थे, लेकिन बसंत पंचमी के लुत्फ में लोग नियमों को भूल गए थे।
वसंत पंचमी पर सरस्वती की अराधना भी की जाती है। जिस कारण श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को शहर के मंदिरों में जाकर सरस्वती की अराधना कर मंगलमय की कामना की। शहर के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला। लोगों ने गुरूद्वारा साहिब में भी माथा टेका है।
बैलून बने पतंग
शहरके सुनामी गेट, प्रेम बस्ती, बड़ा चौक, बीएसएनएल पार्क रोड़, पटियाला गेट पर गैसीय गुब्बारे बेचने वालों का खूब जमावड़ा रहा है। बीएसएनएल में कार्यरत सौरभ शर्मा बताते हैं कि बेटी 4 वर्ष की है। पतंग नहीं उड़ा सकती है ऐसे में बेटी को बैलून दिलाए हैं।
घर की छत पर मस्ती करते युवा।