विश्व के लिए है ईश्वरीय शक्ति के उपदेेश : साध्वी
दिव्यज्योति जागृति संस्थान द्वारा शहर में चल रहे 5 दिवसीय कार्यक्रम के चौथे दिन की शुरूआत साध्वी हरीप्रीता भारती जी साध्वी रमन जी ने प्रभु स्तुति का गायन करके की। साध्वी मेधावी भारती जी ने फरमाया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में दिया। जब भी संत महापुरुष ईश्वरीय शक्ति अवतार ग्रहण कर कोई संदेश या उपदेेश देते हैं तो वह किसी व्यक्ति के लिए नहीं होता। ही जाति, संप्रदाय राष्ट्र विशेष के लिए होता है बल्कि उनके वचन तो समस्त मानव जाति संपूर्ण विश्व के लिए होते हैं। इसी तरह जब भगवान कृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया तो वह मात्र अर्जुन के लिए नहीं था। अर्जुन तो केवल एक निमित मात्र था। उसके माध्यम से भगवान कृष्ण संपूर्ण मानव समाज को ज्ञान रूपी गंगा में गोता लगाकर लाभ देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि युद्ध भूमि में गीता उपदेश देने के पीछे महान कारण था कि उस समय जन साधारण की यह सोच बन चुकी थी कि यदि परमात्मा को प्राप्त करना है तो गुफाओं जंगलों की राह लेनी पड़ेगी। किसी एकांत स्थान पर घोर तप साधना करनी पड़ेगी, लेकिन अर्जुन को युद्ध भूमि में ज्ञान देकर भगवान कृष्ण ने समाज को ब्रह्मज्ञान अर्थात परमात्मा के तत्व स्वरूप का प्रत्यक्ष दर्शन करवाकर लोगों की सोच को बदलने का प्रयास किया।
सुनाम में प्रवचन सुनते हुए लोग।
प्रवचन करते हुए साध्वी जी।