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दरिंदगी के डर से बर्बाद हो रहा बेटियों का भविष्य
इन्द्रप्रीत सिंह| शेरगढ़ (तलवंडी साबो)
तलवंडीसाबोके शेरगढ़ में बेटियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। वजह, घर से स्कूल दूर होने के कारण घरवालों ने कई लड़कियों की पढ़ाई छुड़वा दी है। ऐसी ही कई लड़कियां स्कूल छूटने के बाद या तो गांव में सिलाई सीख रही हैं, या फिर परिवार वालों ने उनकी शादी कर दी है।
शेरगढ़ गांव के पंचायत मैंबर जरनैल सिंह की बेटी नवदीप आठवीं के बाद स्कूल छोड़कर घर बैठ गई। गांव का स्कूल मिडिल तक है। हाई स्कूल नवदीप के गांव से छह किलोमीटर दूर मेहता में है। यहां जाने के लिए तो उसके पास कोई साधन है और ही गांव के प्राइवेट स्कूल की सात सौ रुपए महीना फीस भरने की परिवार की हैसियत। एससी जाति के जरनैल सिंह आस-पास के गांव में मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। जरनैल चाहते हैं कि उसकी बेटी पढ़े। लेकिन कैसे? इतनी छोटी बच्ची को अकेले दूसरे गांव में पैदल भेजते हुए डर लगता है। बस का समय स्कूल से मैच नहीं करता। लिहाजा घर बैठने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं है। इसी तरह मलकीत सिंह की बेटी सिमरजीत कौर ने भी स्कूल छोड़ दिया है। मनजीत कौर, लवदीप कौर भी अब घर बैठीं हैं।
जसविंदर कौर, सुखप्रीत कौर, परमजीत कौर, अमनदीप कौर और गुरप्रीत कौर ऐसे कई नाम हैं, जो हाई स्कूल जा पाने के कारण अब घर बैठ गई हैं। या फिर गांव के सिलाई सैंटर में सिलाई का काम सीख रही हैं। नवदीप की दादी मनजीत कौर बताती हैं आए दिन लड़कियों के साथ दरिंदगी की खबरें आती हैं। ऐसा कुछ होने से अच्छा है हम बेटियों को घर ही बिठा लें।
स्कूलों को अपग्रेड करने के नॉर्म्स में ये स्कूल नहीं आते। इन गांवों मंे बच्चों की गिनती भी पर्याप्त नहीं है। हां, लड़कियों के स्कूल छोड़ने की समस्या गंभीर है। मैं गांव वालों के साथ जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर बात करूंगा। -शिवलाल,डीईओएलिमेंटरी।
स्कूल पांच साल से पुराना होना चाहिए। बच्चों की गिनती लगातार बढ़नी चाहिए। 3 किलोमीटर के भीतर उसी लेवल का कोई दूसरा सरकारी स्कूल नहीं होना चाहिए। हाई स्कूल छह किलोमीटर के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए।
स्कूल को अपग्रेड करवाने की मांग क्यों नहीं की? इस सवाल पर पंच जरनैल सिंह बताते हैं, हमारी तो सरकार से सबसे बड़ी मांग ही यही है। पर सुनता कौन है? मनजीत कौर ने कहा, मैंने तो सांसद हरसिमरत बादल को भी बस अड्डे के पास इस मुद्दे पर घेर लिया था औ