पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • टांडा में मध्यप्रदेश से आएगी राम और रावण की सेना

टांडा में मध्यप्रदेश से आएगी राम और रावण की सेना

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
श्रीरामा ड्रामाटिकक्लब उड़मुड़ इस बार परंपरा से हट प्रोफेशनल कलाकारों के माध्यम से श्री राम लीला का मंचन करेगा। 34वें साल में प्रवेश कर चुकी रामलीला में मध्यप्रदेश से सारे कलाकार आएंगे। मध्यप्रदेश से आए यमुखनाथ रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संतोष चौरसिया ने बताया कि राम, लक्ष्मण और सीता भी उनके साथ आए हैं। वह खुद पिछले 20 सालों से रावण का रोल कर रहे हैं।

श्री रामा ड्रामाटिक क्लब द्वारा 22 सितंबर को श्री राम लीला मैदान (समाध बाबा हरगोबिंद) में मंचन शुरू हो गया है। क्लब प्रधान जूनेंद्र बहल मिंटू, उप प्रधान नवदीप छित्तरु, कोषाध्यक्ष सुभाष रेहान, सचिव ललित वैद, शिव पम्मी, बबलू मदान, विजय कुमार, नितिन शर्मा, सुरिंदर गट्टा ने बताया कि गत कुछ सालों से कलाकारों की कमी के कारण इस साल पहली बार बाहर के कलाकार श्री रामलीला का मंचन कर रहे हैं।

गत 14 सालों से क्लब की कमान संभालने वाले मिंटू बहल ने बताया कि इंटरनेट इलैक्ट्रानिक मीडिया के हाईटैक जमाने में स्टेज पर श्री राम लीला के मंचन को प्रभावी रोचक बनाने के लिए आधुनिक सुविधांओ तरीकों को अपनाया जा रहा है। बहल नवदीप छितरु ने क्लब के इतिहास से अवगत करवाते बताया कि हालांकि टांडा, उड़मुड़ अहियापुर में आजादी समय से ही श्री राम लीला का मंचन हो रहा है। लेकिन उड़मुड़ में 1980 से पहले 5-6 साल श्री राम लीला का मंचन पंद रहा था। 1980 में श्री रामा ड्रामाटिक क्लब का गठन किया गया।

जो नींव डाल गए: 1998की रामलीला में दशरथ का रोल करने वाले बनारसीदास, मेघनाथ बने सोमनाथ, जनक बनने वाले धर्म सिंह और सबरी का किरदार निभाने वाले लक्खाराम को सम्मानित करते तत्कालीन प्रधान मास्टर महेंद्र पाल।