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दस सालों से नगर कौंसिल टांडा उड़मुड़ पर कांग्रेस का कब्जा
टांडा उड़मुड़ नगर कौंसिल में भी इस बार 13 की बजाए 15 वार्डों में चुनाव होगा। पिछले दस सालों से नगर कौंसिल पर कांग्रेस का कब्जा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस के सात, भाजपा के तीन और तीन आजाद प्रत्याशी चुनाव जीते थे। कांग्रेस के ऑफिशियल कैंडिडेट देसराज डोगरा ने ही चुनाव जीता था जबकि अन्य छह कांग्रेस समर्थक काउंसलरों ने आजाद चुनाव लड़ा था। शिअद को एक भी सीट नहीं मिली थी। इस बार गठबंधन और कांग्रेस के बीच मुकाबला कड़ा लग रहा है। गठबंधन 8-7 सीट शेयर के साथ चुनाव में उतरेगा। कांग्रेस के स्थानीय विधायक संगत सिंह गिलजियां के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही कांग्रेस की ओर से टूटी सड़कों, सुविधाओं का अभाव को सरकार को घेरने के साथ विधायक गिलजियां की अपनी लोकप्रियता कांग्रेस की ताकत है। वही गठबंधन की आपसी अंडरस्टैंडिंग की कमी भी कांग्रेस की ताकत है।
गत चुनाव में एक भी सीट हासिल करने वाला शिअद मजबूत प्रत्याशी चुनाव में उतारने के फिराक में है वहीं भाजपा के सिटिंग काउंसिलरों राज्य सरकार, केंद्र में भाजपा सरकार और नगर में भी गठबंधन को लाने का नारा लगा अपनी ताकत झोंक रहे हैं।
आजाद प्रत्याशी आप के प्रत्याशी दोनो दलों के समीकरन प्रभावित हो सकते हैं। टांडा की टूटी खस्ताहालत सड़के, गंदे पानी की निकासी की समस्या मुख्य मुद्दे होंगे। शिअद 1, 2, 3, 4, 8, 12, 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी बाकी वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी होंगे। वार्ड 5 को लेकर अभी सहमति नहीं हो पाई है।