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आप की दिल्ली में जीत का अकाली दल और भाजपा
आप की दिल्ली में जीत का अकाली दल और भाजपा के गठबंधन का असर दिखाई पड़ सकता है। लेकिन उसके लिए नगर पालिका चुनाव में दोनों पार्टियों की कारगुजारी देखनी होगी। जिस तरह से अकाली दल के नेताओं ने तरनतारन में कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी के भाई राजा जोशी को पीटा, उससे रिश्तों में दरार आनी तय है। पिछले लोकल बाॅडी चुनाव में भी अनिल जोशी की कार तोड़ दी गई थी। पंजाब का लोकल यूनिट चाहता है कि पार्टी पूरी तरह से अलग होकर चुनाव लड़े।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि यदि हम अकेले लड़ें तो लोगों को बेहतर विकल्प दे सकते हैँ। दिल्ली में दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा लेकिन अकाली दल ने जहां चारों सीटें गंवाई, वहीं भाजपा की हालत भी पतली रही। ऐसे में पंजाब में गठबंधन पर भाजपा पुनर्विचार कर सकती है। हालांकि कहा जा रहा है कि माइनोरिटी के रूप में सिखों को अपने साथ रखना नेशनल लेवल पर भाजपा की जरूरत है। यही वह वजह है जो गठबंधन को टूटने नहीं दे रहा है।