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  • 13 साल पहले एक झलक देखने के बाद लड़की को उसकी बुआ ने पहचान लिया। छिपाने वाले चाहकर भी नही

सूरत रब ने मिलाई, चाहकर भी नहीं छिपा सके छिपाने वाले

6 वर्ष पहले
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मुक्तसर/लुधियाना। कुदरत के लेख निराले हैं, इनके आगे किसी की नहीं चल पाती। ठीक मुद्दई लाख बुरा चाहे कब होता है, वही होता है, जो मंजर-ए-खुदा होता है कहावत की तरह। तभी तो 13 साल पहले एक झलक देखने के बाद लड़की को उसकी बुआ ने पहचान लिया। छिपाने वाले चाहकर भी नहीं छिपा सके। मामला है 2 जुड़वां बहनों में से एक को मृत बता उसके मां-बाप को गुमराह करने का। अब उसे मृत बताने वाले डॉक्टर के साथ-साथ उस महिला की भी शामत आ गई है, जिसके पास यह लड़की पहचानी गई। शहर के इस चर्चित मामले में चीफ ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट मनजिंदर कौर की अदालत ने डाक्टर, नर्स और खरीदार महिला को तलब किया है।

यह है शक्लें मिलने का कारण

गांव भुल्लर के निवासी गुरतेज सिंह और वकील कमलजीत सिंह हेयर ने बताया कि गुरतेज सिंह की पत्नी बलजीत कौर की कोख से 27 दिसंबर 1995 को मुक्तसर में कोटकपूरा रोड स्थित एक अस्पताल में 2 जुड़वां बच्चियों ने जन्म लिया। 10 जनवरी 1996 को नर्सिंग होम के डाॅक्टर ने कहा कि एक लड़की गंभीर होने के कारण उसका अलग तौर पर उपचार किया जा रहा है। बाद में डॉक्टर ने उसे मृत बता दफना देने की बात कही थी। बच्ची के परिजन डाक्टर की बात को सही मानकर दूसरी बच्ची को साथ ले गए। यह लड़की सुखदीप कौर के नाम से पल रही है।

13 साल बीत गए और एक दिन अचानक सुखदीप कौर की बुआ रूपिन्दर कौर शहर के बाजार में घूम रही थी। उसे सुखदीप कौर से मिलती-जुलती सूरत वाली एक लड़की मिली। पड़ताल करने पर पता लगा कि अमनदीप कौर नामक यह लड़की तिलक नगर मुक्तसर में कश्मीर कौर के घर उसकी बेटी के तौर पर रह रही है। इस बात का भी खुलासा हुआ कि कश्मीर कौर ने अमनदीप कौर को जन्म नहीं दिया, बल्कि उसी नर्सिग होम से गोद लिया है, जिसमें दूसरी बच्ची सुखदीप का जन्म हुआ था।

8 सितम्बर 2007 को धारा 363, 120 बी आईपीसी के अंतर्गत दर्ज केस के मुताबिक जानकारी पुलिस को मिली तो अस्पताल के प्रबंधक डाॅक्टरों, एक नर्स और कश्मीर कौर से पूछताछ की गई। सभी ने इस बात को मान लिया कि अमनदीप कौर के नाम से पाली गई यह लड़की गुरतेज सिंह और बलजीत कौर की ही है। इस बारे में गुरतेज सिंह ने कहा कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला। अब इसी मामले में चीफ ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट श्री मुक्तसर साहिब की अदालत में इस्तगासा दायर किया और अदालत ने अस्पताल के डाॅक्टरों, नर्स और संबंधित कथित खरीदार औरत को तलब कर लिया है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन होने की वजह से इस बारे में कोई भी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।