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ऑपरेशन करवाने आए मरीजों को लेकर आई ओटी में तनातनी
राजिंदराअस्पताल का आई डिपार्टमेंट एक बार फिर सुर्खियों में गया है। अब भादसों से ऑपरेशन करवाने आए मरीजों को लेकर ऑपरेशन थिएटर में डिपार्टमेंट के हेड नर्सिंग स्टाफ के बीच झगड़ा हो गया है। डिपार्टमेंट हेड डॉ. धर्मवीर चालिया की शिकायत पर सेक्रेटरी हुसन लाल ने नर्सिंग सिस्टर नर्स ऊषा कुमारी, स्टाफ नर्स परमजीत कौर जसबीर कौर की ट्रांसफर आई ओटी से ऑर्थोपेडिक्स ओटी में कर दी है। वहीं उक्त स्टाफ ने भी सेक्रेटरी के आदेशों के बावजूद अब तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की।
सेक्रेटरी को दी शिकायत में डॉ. चालिया ने बताया कि भादसों से चार मरीज ऑपरेशन करवाने के लिए राजिंदरा अस्पताल में आए थे। ये मरीज वे थे, जिनका रजिस्ट्रेशन कैंप के दौरान किया गया था। नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों का ऑपरेशन इसलिए रोक दिया कि कैंप के मरीजों का ऑपरेशन सिविल सर्जन के आदेशों के बिना नहीं किया जा सकता। इसके बाद डॉ. चालिया ने स्टाफ को बाहर करते हुए मरीजों का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन होने के बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई।
डॉ. चालिया ने तीनों नर्सिंग स्टाफ की शिकायत मेडिकल सुपरिंटेंडेंट सहित सेक्रेटरी को कर दी। सेक्रेटरी ने 19 दिसंबर को तीनों नर्सिंग स्टाफ का तबादला ऑर्थोपेडिक्स ओटी में कर दिया। सेक्रेटरी के आदेशों के बावजूद भी उक्त स्टाफ ने ड्यूटी जॉइन नहीं की, जिसके चलते डिपार्टमेंट ने स्टाफ की सेलरी पर ही रोक लगा दिया है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने एक बार फिर रिमांइडर देकर उन्हें तुरंत ड्यूटी जॉइन करने को कहा है।
बेवजह परेशान करते हैं डॉ. चालिया
नर्सिंगसिस्टर ऊषा कुमारी ने बताया कि डॉ. धर्मवीर चालिया बेवजह से स्टाफ को परेशान करने में लगे हुए हैं। जो स्टाफ डॉ. चालिया का कहना मानता है, उनके साथ तो उनका व्यवहार ठीक रहता है, जबकि जो स्टाफ उनका कहना नहीं मानता उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल कार्रवाई करवाते हैं। डॉ. चालिया के कारण उनकी दो महीने की सेलरी नहीं आई है।
{भादसों से आए चार मरीजों का ऑपरेशन ओटी स्टाफ ने रुकवाया
{डिपार्टमेंट हेड ने स्टाफ को बाहर कर जबरदस्ती किया ऑपरेशन
नर्सिंग स्टाफ ने मंत्री के सामने खोली डॉ. चालिया की पोल
ओटीमें हुए झगड़े की भड़ास स्टाफ ने मंत्री अनिल जोशी सेक्रेटरी हुसन लाल के सामने निकाली। बताया जा रहा है कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट बनने के लिए डॉ. चालिया का नंबर सिनियोरिटी में सबसे आगे था। इसी कन्ट्रोवर्सी के चलते उन्हें एमएस नहीं बनाया गया। स्टाफ ने चालिया की पूरी शिकायत अधिकारियों के सामने की है। आज तक डॉ. चालिया के खिलाफ जितनी भी इंक्वायरी चल रही है, उसका खुलासा स्टाफ ने चंडीगढ़ में किया था।