एसबीओपी के स्टाफ ने दिया धरना
यूनाइटेडफोरम ऑफ बैंक यूनियनों के आह्वान पर 1000 से अधिक अफसरों और कर्मचारियों ने एसबीओपी के यहां हेड ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। एआईबीईए के ज्वाइंट सेक्रेटरी एसके गौतम ने कहा कि आईबीए ने अपनी पेशकश में केवल 0.5% बढ़ोतरी की है। एक बार फिर बैंकों के जोरदार वित्तीय प्रदर्शन की बात कहते हुए आईबीए ने सूचना दी कि बैंक यूएफबीयू की मांग स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। आईबीए की 0.5% की बढ़ोतरी बेहद कम है। इसके चलते यूएफबीयू ने 25-28 फरवरी तक चार दिवसीय हड़ताल करने का निर्णय लिया है। एआईबीओसी के ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी प्रमोद शर्मा ने कहा कि 31 मार्च 2014 को बैंक का सकल लाभ 1.27 लाख करोड़ रुपए था। अशोध्य ऋणों के कारण कुल लाभ रू. 37,000 करोड़ था। यदि सरकार एवं आईबीए बैंक के प्रति गंभीर है, तो उन्हें बकाया वेतन संशोधन के लिए मना करने के बजाय, अशोध्य ऋणों की वसूली के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए। यदि बैंक और आईबीए किसी तर्कसंगत समाधान पर नहीं पहुंचते हैं, तो 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। यहां विनोद शर्मा, राम कुमार, यादविंदर गुप्ता, रणबीर सिंह, रजनीश दीक्षित, अशोक शर्मा, सुखबीर सिंह, लवलीन सैनी, बृज चौधरी, सनमीत सिंह, हरजीत सिंह ने संबोधित किया।
समाधान नहीं, तो 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों के आह्वान पर धरना देते बैंक के लोग।