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दबाव के कारण पीयू अफसरों की गाड़ी वापस नहीं ली
पंजाबीयूनिवर्सिटीको घाटे से उबारने के लिए अफसरों की गाड़ियां वापस लेने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। अफसरों के दबाव के चलते पीयू प्रशासन को फैसला वापस लेना पड़ा है। पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. एएस चावला के कार्यकाल में और करीब छह महीने पहले बनी लिस्ट को वीसी ऑफिस तक समेट कर रख दिया है।
पीयू पर हर महीने 30 से 40 हजार रुपए प्रति गाड़ी खर्चा करना पड़ रहा है। इसके चलते पीयू को मंथली तीन से चार लाख का बोझ पड़ा हुआ था। पीयू मैनेजमेंट की लिस्ट में करीब दस गाड़िया थीं, जिसे ट्रांसपोर्ट अधिकारी को सौंप दिया था। लिस्ट के बारे में जानकारी मिलते ही अफसरों ने दबाव बनाया कि फैसला वापस लेना पड़ गया।
इनअफसरों की गाड़ी लिस्ट में: पीयूमैनेजमेंट की लिस्ट में डायरेक्टर स्पोटर्स राजकुमार शर्मा, डायरेक्टर यूथ वेलफेयर डिपार्टमेंट डाॅ. सतीश कुमार वर्मा, डायरेक्टर मीडिया सेंटर डाॅ. गुरमीत मान, सिक्योरिटी इंचार्ज कैप्टन गुरतेज सिंह, आईएएस सेंटर, एनएसएस के डाॅ. परमवीर सिंह, इंजीनियर काॅलेज के पूर्व डायरेक्टर (अब डायरेक्टर की पोस्ट खत्म कर दी है), पीयू मेंटिनेंस विंग के एक्सईएन की दो गाड़ियां थीं, इनके पास तीन गाड़ियां हैं। इंजीनियर काॅलेज के डायरेक्टर की पोस्ट खत्मकर पांच हेड नियुक्त कर दिए थे, जिस वजह से डायरेक्टर के नाम पर जारी इस्टीम गाड़ी वापस कर दी थी। पांच हेड को गाड़ियां जारी करने में पीयू में असमर्थता जाहिर करने के बाद फैसला लिया था।
डायरेक्टर इंजीनियर की गाड़ी खुद ही वापस हुई थी: पूर्व रजिस्ट्रार
पीयूके पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. एएस चावला ने कहा कि इंजीनियर काॅलेज के डायरेक्टर की गाड़ी पोस्ट खत्म होने पर वापस आई थी। गाड़ियां वापस लेने संबंधी बात तो हुई थी लेकिन आगे क्या हुआ पता नहीं।
रजिस्ट्रार बोले- फैसला पहले का है, मामले की जांच करेंगे
रजिस्ट्रारडाॅ. दविंदर सिंह ने कहा कि उनके चार्ज संभालने के दौरान ऐसा फैसला नहीं हुआ। उनसे पहले यह फैसला होने पर चेक करेंगे। फिलहाल वह चंडीगढ़ में है, वापस आने के बाद शुक्रवार को इस मामले की जांच पड़ताल करेंगे।
वीसी के पीए की भी लगी मौजां
वीसीडाॅ. जसपाल सिंह के खाते में भी तीन गाड़ियां हैं। उनके नाम पर स्कोडा गाड़ी है, जिसे वह खुद इस्तेमाल करते हैं। घर में इनोवा है, वहीं वीसी ऑफिस में एक एंबेसडर है। यह एंबेसडर गाड़ी पहले रजिस्ट्रार क