पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मुंहबोले मामा ने किडनैप किया था दिव्यांशी को

मुंहबोले मामा ने किडनैप किया था दिव्यांशी को

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजपुरारोड स्थित विकास कॉलोनी से गुम तीन साल की बच्ची दिव्यांशी को उसके मुंहबोले मामा ने किडनैप किया था। खुलासे के बाद आरोपी मामा अमनदीप सिंह उर्फ सोनू निवासी बी टैंक नजदीक आर्य समाज को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची को आनंदपुर साहिब से बरामद किया गया है। आरोपी बच्ची के पिता सुरिंदर कुमार का बचपन का दोस्त साथ में पढ़ा है। सुरिंदर की शादी के बाद उसने अपनी भाभी को मुंह बोली बहन बना लिया था।

एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने वीरवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा कि आरोपी अमन को गिरफ्तार किया है, जिसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। आरोपी ने किडनैपिंग का कारण दिव्यांशी के हिंदू परिवार में होने के कारण बाल काटने पर एतराज जताना बताया है। असली कारण रिमांड में पता चलेगा। रिमांड के दौरान उन लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी, जिनकी मदद से आरोपी अमन ने बच्ची को एक हफ्ते तक अपने पास रखा। हफ्ते बाद अपनी बेटी को सकुशल हालत में पाकर पूरा परिवार खुश था। एसपी (सिटी) प्रीतपाल सिंह थिंद, डीएसपी हरपाल सिंह थाना लाहौरी गेट इंचार्ज जानपाल सिंह मौके पर थे। एसएसपी ने बच्ची के मिलने का श्रेय टीम को दिया।

ऐसीरही दिव्यांशी के गुम होने मिलने की कहानी : आरोपीअमन ने अपने दोस्त सुरिंदर के साथ अपनी भतीजी दिव्यांशी को दुकान से खाने की चीज दिलवाई थी। जिसके बाद दोनों ने बच्ची को घर छोड़ दिया और दोनों ही अपने रास्ते निकल गए। बाद में अमन ने बच्ची को घर से उठाया और साथ ले गया। 4 फरवरी को उसने बच्ची को पटियाला में ही किसी के घर में रखा। रात को परिवार के साथ मिलकर उसे ढूंढने का ड्रामा करने में लगा रहा। अगले दिन वह बच्ची को लेकर आनंदपुर साहिब में मासी के पास चला गया। उसे कहा कि बच्ची की जान को खतरा है, इसे अपने पास रखें। वापस लौट कर वह परिवार के साथ बच्ची की तलाश का नाटक करता रहा। बीच में रोने दुख होने का दिखावा करता रहा। बच्ची के पिता सुरिंदर कुमार ने बताया कि बीच-बीच में वह अचानक कहीं चला जाता था और पूछने पर कहता कि धार्मिक जगह पर बच्ची के मिलने के लिए प्रार्थना करने गया था। शक गहराया कि परिवार बच्ची की तलाश में है और वह धार्मिक स्थानों पर ऐसे क्यों जा रहा है।

अपने बच्चे की तरह पाला इसलिए उसने नहीं किया परेशान

आरोपीने अपनी मासी को कहा था कि बच्ची की जान को खतरा है। ऐसे में वह बजुर्ग महिला बच्ची को कहती थी कि वह उसकी नानी है। उसे खिलाने-पिलाने से लेकर अन्य सभी कामों में वह बच्ची को खुश रखती थी, जिस वजह से एक हफ्ते तक उसे कोई तकलीफ नहीं रही थी।

जान गई: 8दिन से माता-पिता ने बच्ची का चेहरा नहीं देखा था। वह मुनादी करा रहे थे और बेटी की तलाश में पोस्टर तक लगवा दिए थे। दो दिन पहले 50 हजार रुपए इनाम देने का पोस्टर लगाया था। वीरवार को जब दिव्यांशी का पता चला तो सभी बहुत खुश हुए।

शक क्यों: पहले कहा फोन गिरा, बाद में कहा भाई के घर था

1.घटना वाले दिन आरोपी अमन ने फोन कॉल नहीं उठाया, बाद में बच्ची के पिता ने पूछा तो कहा कि फोन गिर गया है।

2. पुलिस ने घटना के समय कहां होने कॉल अटेंड करने की वजह पूछी तो कहा कि उसका फोन भाई के घर रह गया था।

3. परिवार के साथ दुख होने का ड्रामा भी किया और बीच में गायब भी रहा।

तलाकशुदा आरोपी का छह महीने से अजीब था व्यवहार

^आरोपीअमन का एक साल पहले तलाक हुआ था और तलाक की वजह वह अपनी प|ी की मानसिक हालत ठीक होना बताता था। सुरिंदर कुमार ने बताया कि पिछले छह महीने से अमन अजीब व्यवहार कर रहा था। वह खुद तो एटीएम मशीन में कैश डालने वाली टीम के साथ ट्रेनिंग ले रहा था, ऐसे में उसे भी इस काम के लिए लगा रहा था। छह महीने पहले अमन ने खुद के अंदर धार्मिंक गुरू आने धार्मिक भावनाओं के विपरीत काम करने पर तैश में जाता था। फिलहाल यह सवाल अभी हल नहीं हो पाया है कि यदि अमन की जिद पूरी होती तो क्या वह बच्ची को जानी नुक्सान पहुंचाने की तैयारी में था।