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मैरिज पैलेस वाले करें कैटरर से टैक्स रिकवरी
वेडिंगसीजनपास होने के बाद भी मैरिज पैलेसों की लमसम टैक्स की डिमांड एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के पास लटकी है। लगातार मीटिंग्स के बावजूद टैक्स लमसम होने की संभावना नजर नहीं रही। बीते दिनों मैरिज पैलेस एसोसिएशन के साथ मीटिंग में महकमे ने अब कैटरर्स से टैक्स रिकवरी की जिम्मेदारी लेने को कहा है। अभी इसके लिए मैरिज पैलेस वाले राजी नहीं हो रहे।
पैलेसवालों को वो बताएंगे कि कैटरर्स से रिकवरी कैसे करनी है। इसी तरह के दूसरे तर्कों पर भी बात अड़ी है। पंजाब मैरिज पैलेस एसोसिएशन ने कहा कि डिपार्टमेंट जो भी लमसम टैक्स तय करेगा, वो सिर्फ वही देंगे। कैटरर्स से टैक्स रिकवरी उनकी जिम्मेदारी नहीं है। अलग-अलग जिलों के मैरिज पैलेस वालों की डिमांड अलग है। उस पर महकमे से सहमति नहीं बना पा रही है। मैरिज पैलेस एसोसिएशन वाले महकमे से लंबे समय से टैक्स लमसम करने की मांग कर रहे हैं। पैलेस में फंक्शन कराने के लिए वैट और परमिट फीस खत्म करने के साथ शराब कहीं से भी खरीदने की मंजूरी के लिए लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के मंत्री अनिल जोशी के बयान के बावजूद नोटिफिकेशन नहीं हुई। मैरिज फंक्शन के लिए पैलेस बुक कराने वाले ग्राहकों को एडवांस वैट जमा कराना होता है। लिकर परमिट फीस भी जमा करानी होती है। लग्जरी टैक्स सहित बाकी दूसरे टैक्स भी देने होते हैं। एसोसिएशन की डिमांड है कि फंक्शन होने के बाद कैटरिंग पर बनता टैक्स गैदरिंग के हिसाब से लिया जाए। पटियाला मैरिज पैलेस एसोसिएशन प्रधान मनविंदर सिंह गोल्डी और जनरल सेक्रेटरी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि मीटिंग में अफसर कह रहे हैं कि कैटरर्स से टैक्स मैरिज पैलेस वाले इकट्ठा कर महकमे में डिपॉजिट करें। पैलेस वाले ये जिम्मेदारी क्यों लें। फंक्शन कराने की जिम्मेदारी सीधे कस्टमर की होती है। पैलेस वाले इससे जुड़े नहीं हैं। वो अपना टैक्स भरेंगे। सरकार तय करे कि कैटरर्स से टैक्स कैसे लेना है। नहीं तो कैटरिंग पर लमसम टैक्स तय कर दें। मीटिंग बुलाई है, देखते हैं क्या होता है।
ये स्कीम कामयाब नहीं होगी: प्रधान
पटियालाकैटरिंग एसोसिएशन प्रधान विनोद कुमार ने कहा कि कैटरर मैरिज पैलेस वालों को टैक्स क्यों देगा। यह स्कीम कामयाब नहीं होगी। रोजाना झगड़े होंगे। इसे कैटरर मानेगा और मैरिज पैलेस वाले। जो मैरिज पैलेस वाले कैटरिंग का काम करते हैं वो तो टैक्स देते रहें। पर बाकी क्यों