सीनियर कलाकारों से सीख लें युवा पीढ़ी
\\\'कलाकुदरतकी देन है और इस हुनर को दूसरों के सामने लाने के लिए कलाकार को लगातार मेहनत और अभ्यास करते रहना चाहिए। रंगों और ब्रश से कैनवस पर कुदरत और मानव जीवन के अलग-अलग पक्षों को पेश करने वाले चित्रकारों से नई पीढ़ी को भी सीख लेनी चाहिए।\\\' ये विचार डिप्टी कमिश्नर वरूण रूजम ने एनजेडसीसी में पेंटर्स कैंप और मशहूर आर्टिस्ट सतवंत सिंह सुमेल की बनाई पेंटिंग्स की प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान कहे।
इस दौरान औरत के अलग अलग रूपों कुदरती नजारों को रंगों से सजाकर बनाई सतवंत सिंह सुमेल की पेंटिंग्स से सभी प्रभावित दिखे। ढेरों अवार्ड और सम्मान हासिल कर चुके सतवंत ने अपनी पेंटिंग्स में औरत और कुदरत की जुगलबंदी को दर्शाया है। उनकी पेंटिंग्स में औरत कुदरत से बात कर रही है। कुदरत की उदासी औरत के मन को भी दुखी कर देती है। इस दौरान पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ से 6 नामी चित्रकार पटियाला के सभ्याचार को पेश करेंगे।
इस दौरान सेंटर डायरेक्टर डा. राजिंदर सिंह गिल, प्रो. एससी शर्मा, गोबिंदर सोहल, अश्विनी वर्मा, एसडी शर्मा, राजेश शर्मा, कविता शर्मा, संजीव कुमार, आरपी वर्मा, डा. सरोज चमन, हरजीत कैंथ, रविंदर शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।
एनजेडसीसी में पेंटिंग्स एग्जीबिशन में अपनी पेंटिंग्स दिखाते सतवंत सिंह सुमेल।