कंटीन-ढाबों के दबाव में बंद कराया जा रहा राजिंदरा का फ्री लंगर
राजिंदराअस्पताल के मेन गेट पर 24 घंटे चलने वाले लंगर को अस्पताल प्रशासन द्वारा बंद करने के आदेशों का विरोध शुरू हो गया है। हिंदू सुरक्षा समिति के विरोध के बाद अब लंगर चलाने वाले समाज सेवक गुरमोहन सिंह ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन कंटीनों, ढाबों के दबाव के चलते यह लंगर बंद करवा रहा है। उनके मुताबिक यह लंगर 24 घंटे लगातार चल रहा है।
मरीजों के परिवार वाले खुद आकर लंगर तैयार करते हैं और डेली हजारों लोग किसी भी समय कभी भी यहां आकर लंगर छकते हैं। ऐसे में अस्पताल के अंदर और बाहर कंटीनों, ढाबों का बिजनेस ठप हो गया है। उनके दबाव में लंगर बंद करवाया जा रहा है। गुरमोहन सिंह के मुताबिक राजिंदरा समेत माता कौशल्या और टीबी अस्पताल में भी लंगर चलता है। राजिंदरा में भी उनके अलावा दो अन्य संस्थाएं दोपहर रात को लंगर चलाती है। बस फर्क इतना है कि ये बाकी लंगर एक तय समय में चलते है और उनका लंगर 24 घंटे चलता है। उनका सिर्फ इतना सवाल है कि अगर उनका लंगर बंद होता है तो बाकी लंगर चलाने की इजाजत क्यों दी जा रही है? अस्पताल प्रशासन का कहना है कि तय समय में चलने वाला लंगर ठीक है, लेकिन 24 घंटे लंगर चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
^जिस जगह 24 घंटे लंगर चलाया जा रहा है वो जगह साइकिल स्टैंड के लिए दी गई है। लोगों की भीड़ इतनी ज्यादा है तो पार्किंग करने की जगह ही नहीं बचती है। लंगर चलाने वालों को कहा है कि वो अस्पताल की दीवार के बाहर जहां चाहे लंगर चलाएं, साइकिल स्टैंड की जगह में लंगर नहीं चलने दिया जाएगा। डॉ.बीएल भारद्वाज, मेडिकल सपरिंटेंडेंट।