चहेतों के टेंडर जारी, बाकी की अनदेखी
नगरनिगम ने शहर के डेवलपमेंट के लिए 73 कामों के टेंडर की लिस्ट जारी कर दी है। जिसके बाद कंट्रोवर्सी खड़ी हो गई है। कांग्रेस समेत अकाली-भाजपा कौंसलरों ने लिस्ट में कई वॉर्डों की अनदेखी की बात कही है। उनके मुताबिक कुछ चहेते कौंसलरों के वॉर्डों में ही डेवलपमेंट के काम के टेंडर डाले गए हैं। बाकी वॉर्डों में भी ऐसे कई काम थे जो जरूरी थे, लेकिन उनपर विचार नहीं किया गया।
कांग्रेसी होने के नाते जानबूझ कर उनकी अनदेखी की जाती है। जो थोड़े बहुत काम हुए है वो खुद उन्होंने एमपी कोटे से करवाए हंै। अकाली सरकार में उनके कामों की अनदेखी की जा रही है। मेयर अमरिंदर बजाज साफ कर चुके हैं कि किसी भी वॉर्ड की अनेदखी नहीं होगी। कौंसलरों ने काम के जो इस्टीमेट बनाकर भेजे थे, उनको बिना कैंची चलाए पास कर दिया गया। यह डेवलपमेंट के कामों की पहली लिस्ट है। बाकी के टेंडर जल्द लगाए जाएंगे। सभी वॉर्डों में विकास होगा।
अकाली कौंसलर भी दुखी: अब तो कहना ही छोड़ दिया
इधर,अकाली कौंसलर भी अपनी अनदेखी से नाराज है। वॉर्ड 35 के अकाली कौंसलर अजीत सिंह बाबू ने कहा कि उनके वॉर्ड में शहर के मेन इलाके जिसमें घेर सोढ़िया, पुरानी कोहली रेजीडेंस स्ट्रीट, चौड़ा खुहा, शनि देवी मंदिर इलाका, गुरु नानक स्ट्रीट आती है, लेकिन पिछले 4 सालों में डेवलपमेंट के नाम पर यहां रेत, बजरी सीमेंट तक नहीं पहुंचा। इस बार भी जो टेंडर जारी किए जा रहे हैं, उनमें इस वॉर्ड को पूरी तरह अनदेखा किया गया है। बाबू के मुताबिक अब तो दुखी होकर उन्होंने कहना छोड़ दिया है।
कांग्रेसी कौंसलर: 4 साल से वॉर्डों में एक ईंट नहीं लगी
वॉर्ड-22के कांग्रेसी कौंसलर केके मल्होत्रा ने कहा कि वो पिछले 4 साल से बिशन नगर में ट्यूबवेल की मांग कर रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं हुई। पुराना बिशन नगर की 6 नंबर गली नहीं बनी। विकास काॅलोनी में 20 सालों से सड़कों का काम नहीं हुआ। देसी मेहमानदारी में एक भी सड़क का टेंडर नहीं लगाया गया। वो निगम में जाकर इन कामों को लेकर चिल्लाते है, तो निगम प्रशासन की तरफ से एक जेई आकर इस्टीमेट बना कर चला जाता है। उसके बाद आज तक उन इस्टीमेटों का कोई अता पता नहीं चला।