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खाली स्टेडियम में हुई कबड्डी-कबड्डी, खिलाड़ियों में नहीं भर पाया जोश

5 वर्ष पहले
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कबड्डीके प्रदेश स्तरीय मुकाबले बठिंडा में करवाए जा रहे हैं। मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स स्टेडियम में शहीदे आजम भगत सिंह पंजाब गेम्स के नेशनल सर्कल के मैन-वुमन के मुकाबले देखने खेल प्रेमी ही नहीं उमड़े। रविवार को बिना दर्शकों के ही लोक निर्माण मंत्री जनमेजा सिंह सेखों ने गेम्स का आगाज किया। वीआईपी ही नहीं, वीवीआईपी ब्लॉक की तमाम कुर्सियां खाली रहीं। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों समेत लगभग 80 फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग्स लगाकर एवं टीवी पर स्क्रोल ऐड आदि से पंजाब गेम्स का प्रचार किया गया। सूने स्टेडियम में दिन भर कबड्डी-कबड्डी हुई, वहीं दर्शकों की वाहवाही मिलने से खिलाड़ियों में भी जोश नहीं बन पाया। जब यहां चार विश्व कप कबड्डी के उद्घाटन हुए थे तब पैर रखने को जगह नहीं मिलती थी।

कबड्डी सर्कल स्टाइल मैन संगरूर ने होशियारपुर को 43-40, मानसा ने बरनाला को 34-28 से हराया। कबड्डी नेशनल स्टाइल वुमन में अमृतसर ने फाजिल्का को 44-18 और श्री मुक्तसर साहिब ने मानसा को 56-39 से हराया।

लुधियाना|पंजाबके पटियाला, जालंधर, बठिंडा, श्री आनंदपुर साहिब, अजीतगढ़, संगरूर और लुधियाना जिलों में रविवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह गेम्स का उद्घाटन हुआ। लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में इन गेम्स का उद्घाटन खेतीबाड़ी मंत्री तोता सिंह ने किया।

रस्साकशी में विजेता रही तरनतारन की टीम को 25 हजार और रनर्ज अप मोगा को 11 हजार का इनाम मिला। बास्केटबॉल (लड़के) में मानसा ने रोपड़ को 44-31, फतेहगढ़ साहिब ने संगरूर को 67-32, हैंडबॉल (लड़कियां) में रोपड़ ने बठिंडा को 71-5, लड़कों में लुधियाना ने होशियारपुर को 44-26, फुटबॉल (लड़कों) में होशियारपुर ने फिरोजपुर को 8-0, लुधियाना ने पठानकोट को 11-1 से हराया। लड़कियों में फतेहगढ़ साहिब ने होशियारपुर को 1-0 से हराया।

लुधियाना में चल रहा रस्साकशी का मुकाबला।

बठिंडा में मां खेल को देखने बहुत कम लोग पहुंचे।

लुधियाना|शहीद-ए-आजम भगत सिंह गेम्स का उद्घाटन रविवार सवा 11 बजे रखा गया था। प्रबंधकों में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चीफ गेस्ट खेतीबाड़ी मंत्री तोता सिंह आधा घंटे पहले ही पहुंच गए। अभी स्टेडियम में तैयारी चल रही थी। स्टेज पर कुर्सियां सजाई जा रही थीं और झंडे लगाए जा रहे थे। प्रबंधों से नाखुश मंत्री ने अफसरों को झाड़ लगाते कहा कि पहले क्या कर रहे थे? अभी तक तैयारी ही पूरी नहीं की। नाले यार ऐहो जेहे प्रोग्राम अैतवार नूं ना रक्खया करो, अग्गे पिछ्छे रख लेया करो। जब प्रबंधकों ने उन्हें बताया कि सरकार का प्रोग्राम है, हमारा नहीं, तब वे शांत हुए। आनन-फानन उन्हें रूम में बिठाकर चाय पिलाई गई। तभी झंडा तैयार किया गया और फिर गेम्स का उद्घाटन करवाया गया। तोता सिंह ने मार्च पास्ट से सलामी नहीं ली और ही खिलाड़ियों से मिले। बस उद्घाटन की खानापूर्ति कर चलते बने। उनका कहना था कि कहीं पर जरूरी प्रोग्राम में जाना है।

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