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प्रोग्रेसिव किसानों ने अपनाई ‘पॉली हाउस’ तकनीक

5 वर्ष पहले
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जिलाके प्रगतिशील किसानों ने खेती विभिन्नता की तरफ कदम बढ़ाते हुए फूलों और सब्जियों की खेती के लिए पॉलीहाउस तकनीक का प्रयोग को अमल में लाना शुरू कर दिया है। किसानों की इस पहल ने उनकी आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार किया है। पटियाला जिले के किसान पॉली हाऊस तकनीक के साथ फसल उत्पादन में रुचि दिखाने लगे हैं, जिसके परिणामस्वरूप जिले में मौजूदा समय में करीब 70 एकड़ क्षेत्रफल में पॉली हाऊस स्थापित हो चुके हैं, जिनमें गुलाब, जरबरा किस्म के फूलों के अलावा बीज रहित खीरा, टमाटर, शिमला मिर्च आदि की बेहतर गुणवत्ता वाली खेती की जा रही है। पॉली हाऊस में फूलों और सब्जियों की संभाल के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत सैकड़ों लोग इस तकनीक को और ज्यादा विकसित होने से रोजगार के लायक हो सके हैं।

पटियाला जिले के लगभग हर ब्लाॅक में पॉली हाऊस तकनीक को प्रयोग में लाया जा रहा है। पंजाब सरकार की तरफ से किसानों को गेहूं और धान के द्वि-फसली चक्र से निकाल कर खेती विभिन्नता को उत्साहित करते हुए फूलों और सब्जियों की काश्त के लिए प्रेरित करने के सार्थक नतीजे सामने रहे हैं। जिला परिषद पटियाला के चेयरमैन जसपाल सिंह कल्याण ने गांव सहौली में किसान मेहरबान सिंह के पॉली हाऊस का दौरा किया। कहा कि नौजवान किसानों की तरफ से परंपरागत फसली चक्र में से निकलने के लिए किए जा रहे प्रय| सफल साबित हो रहे हैं। मौजूदा वित्तीय साल में जिले के 18 किसानों को सरकार की तरफ से पॉली हाऊस बनाने के लिए तीन करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी मुहैया करवाई गई है। इसके अलावा सरकार पॉली चवन्नी हाऊस में लगाए जाने वाले पौधों पर भी किसानों को सब्सिडी दे रही है, जिसके तहत करीब 18 लाख रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा चुकी है।

चेयरमैन ने कहा कि पिछले करीब चार वर्षों से पॉली हाऊस तकनीक अपनाने वालों के रुझान में वृद्धि देखने को मिली है, इन सालों में औसतन 15 से 20 एकड़ का क्षेत्रफल पॉली हाऊस अधीन हर साल बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में बिना बीज वाले खीरे, रंगदार शिमला मिर्चों, टमाटर की अगेती और पछेती सब्जी के अलावा गुलाब और जरबरा की काश्त पॉली हाऊस में और बेहतर ढंग से की जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे किसानों को सब्जियों का अग्रिम झाड़ मिल जाता है और मंडी में भी अच्छा मूल्य मिलता है। कल्याण ने कहा कि बेहतर गुणवत्ता की सब्जियां और फूलों को ज्यादा ठंड और कोहरे से बचाने और भरपूर झाड़ देने में ‘प्लास्टिक लौ टनल’ और ‘पॉली हाऊस’ तकनीक सफल साबित हो रही हैं। चेयरमैन ने बताया कि इस तकनीक में सब्जियों को उपयुक्त वातावरण (तापमान और नमी) देने के लिए जस्ता की पाइपों का ढांचा तैयार कर उस पर अल्ट्रा वायलेट किरणें को सहन करने वाली प्लास्टिक शीट डाली जाती है और पॉली हाऊस में तैयार होने वाले फूलों और सब्जियों को उपयुक्त वातावरण मिलने कारण इनकी गुणवत्ता बढ़ जाती है।

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