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एसएसपी ने कहा, लोग डरें नहीं जागरूक हों

6 वर्ष पहले
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बच्चे को किडनैप करने की सात दिनों में दूसरी घटना

बिशन नगर से मयंक के किडनैप की कोशिश

सोबन गुसांई। पटियाला soban.gusain@dbcorp.in

बिशननगर से 11 साल के मयंक को को अगवा करने के कोशिश के बाद ऐसा लगने लगा है कि शहर में बच्चों को किडनैप करने वाला गिरोह सक्रिय है। विकास काॅलोनी से अचानक लापता दिव्यांशी का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं दिव्यांशी का तो किडनैप नहीं हो गया।

मयंक किडनेप केस के बाद अब लोग अपने बच्चों को अकेला छोड़ने को तैयार नहीं हैं। यहां तक लोगों ने फोन पर अपने रिश्तेदारों को फोन करके सूचित करना शुरू कर दिया है कि वह अपने बच्चों को बाहर छोड़ें। मयंक के घर पर आई महिला परमजीत कौर कहती कि एक बुरा दौर आतंकवाद का था, जब खुलेआम कत्ल होते थे, एक बुरा दौर अब है जब घरों के बाहर से बच्चों को उठाकर ले जा रहे हैं। ऐसे में कहां तक लोग सुरक्षित हैं।

बच्चोंको बाहर बेचने वाला गैंग सक्रिय: बिशननगर के 70 साल के सतनाम सिंह कहते हैं कि शहर में एक ऐसा गैंग है, जो बच्चों को उठाने का काम कर रहा है। यह गैंग बच्चे को बाहर बेच देते हैं। दिव्यांशी के मामले में दो दिनों से इसी तरह से चर्चा चल रहा है। बिशन नगर के हर घर में चर्चा है कि वह मिल गई है, लेकिन जब पुलिस थाने उसके परिजनों से पूछने पर पता लग रहा है कि उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं है।

किडनैप होने वाला बच्चा मयंक फैमिली मेंबर के साथ।

मोनाक्षी सिंगला, मयंक की मां।

मां ने बताया दोपहर तीन बजे की घटना

मांमोनाक्षी सिंगला ने बताया कि मयंक बुधवार दोपहर 3 बजे के करीब कूड़ा फेंकने हनुमान मंदिर के सामने साइकिल पर गया था। उसने साइकिल स्टैंड पर लगा दी और थोड़ी दूर कूड़ा फेंकने गया। अचानक उसके सामने एक कार रुकी, जिसमें दो लोग थे। एक ने मयंक को जबरन गाड़ी में बैठाया। तेज स्पीड में कार भगा दी। रेलवे स्टेशन के सामने केमिस्ट की दुकान पर उन्होंने गाड़ी रोकी। मौका पाकर मयंक ने कार का दरवाजा खोला और छलांग लगा दी।

पांच फरवरी के बाद से दिव्यांशी का सुराग नहीं

दिव्यांशीका 5 फरवरी की रात से कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है। शकी लोगों उसके आसपास के लाेगों से भी पड़ताल कर चुकी है, पर कोई सुराग नहीं मिला। इतना ही नहीं अभी तक कोई फोन कॉल भी नहीं आई है, जिससे किडनैपिंग जैसी कोई बात कही जा सके। एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने मामले को गंभीरता से देखते हुए एसपी-डी जसकिरनजीत सिंह तेजा को जांच सौंपी है। बच्ची की तलाश के लिए जॉइंट टीम का गठन किया गया है। एसएचओ लाहौरी गेट जानपाल सिंह ने बताया कि बच्ची का अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। पुलिस अब भी कई थ्यूरी पर काम कर रही है। दिव्यांशी के फैमिली मेंबर मुनादी के साथ-साथ जगह-जगह गुमशुदगी के पोस्टर भी लगाए, पर उसका पता नहीं चला है।

नाभा की महिला चला रही थी बच्चों को अगवा करने वाला गैंग

पिछली31 दिसंबर को लुधियाना के कूमकलां में पुलिस ने मासूमों को अगवा करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया था। पुलिस गिरफ्त में आई नाभा की तेज कौर भतीजों के साथ गैंग चलाती थी। ऑर्डर के हिसाब से बच्चों को एनआरआई को बेचती थी। कूमकलां पुलिस ने गांव रणियों से अगवा मुकद्दर को पहले छुड़ाया, बाद में मुकद्दर की निशानदेही पर नाभा के गगन को गिरफ्तार किया था।

एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि मामला थोड़ा पेंचीदा लग रहा है। जिस जगह से बच्चे को उठाया गया है, वहां पर काफी भीड़ भाड़ रहती है। बच्चे को उठाते हुए किसी ने क्यों नहीं देखा। बच्चे के अनुसार कार चालक केमिस्ट की दुकान पर रुके, तो यदि कार वाले बच्चे को किडनैप करके ले जाते तो वह उसे कैसे छोड़ देते। उन्होंने कहा कि इन तमाम पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है। अभी बच्चे के बयान नहीं लिए जा सके हैं। एसएसपी ने कहा कि किडनैपिंग की घटनाएं पहले होती रही हैं, लोग डरें नहीं, जागरूक हों।