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वॉर्ड 46 बाय इलेक्शन: चड्ढा बागी, पत्नी से भरवाए पेपर
पटियालानगर निगम के वॉर्ड 46 में बाय इलेक्शन शिरोमणि अकाली दल के लिए सिरदर्द का सबब बन गया है। इस वॉर्ड से अकाली लीडर जसविंदरपाल सिंह चड्ढा की धर्मप|ी जसतिंदरपाल कौर चड्ढा ने बुधवार को पार्टी के खिलाफ बागी रुख अपनाया और इलेक्शन लड़ने का ऐलान किया। उन्होंने नॉमिनेशन फाइल कर दिया। जसतिंदरपाल कौर चड्ढा 2007 में इस वॉर्ड से अकाली कौंसलर चुनी जा चुकी हैं।
वॉर्ड 46 के बाय इलेक्शन के लिए अकाली दल ने हरबख्श सिंह चहल को अपना कैंडीडेट बनाया है। चहल के ससुर वीर सिंह लोपोके राजासांसी (अमृतसर) से अकाली एमएलए रह चुके हैं। उधर चड्ढा को प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा के कैंप का माना जाता है और पार्टी जानकारों मुताबिक वॉर्ड 46 से चंदूमाजरा कैंप का प्रभाव खत्म करने के लिए ही लोकल अकाली लीडरों ने चहल के नाम की पैरवी कर दी। बहरहाल चड्ढा ने टिकट मिलने पर बागी रुख अपनाया और उनकी पूर्व कौंसलर धर्मप|ी ने बुधवार को पार्टी की ओर से ही नामांकन भर दिया।
जसतिंदरपाल कौर चड्ढा
वॉर्ड-46 से अकाली कैंडीडेट चहल ने भी किया नॉमिनेशन
वॉर्ड-46से अकाली कैंडीडेट हरबख्श सिंह चहल ने लोकल सीनियर अकाली लीडरों के साथ नॉमिनेशन फाइल कर दिया। कैबेनिट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा मौजूद रहे। वॉर्ड 46 से कागज भरने वाले अन्य उम्मीदवारों में रणजीत सिंह, अवतार सिंह, सोनिया गर्ग, दविंदरपाल सिंह चड्ढा, राजविंदर कौर चड्ढा, जतिंदर कुमार, अमृतपाल सिंह, प्रदीप कुमार नानी और सुरिंदर सिंह (सभी आजाद) शामिल रहे।
कांग्रेसीकैंडीडेट ने भरा पर्चा: कांग्रेसके वॉर्ड-46 से कैंडीडेट विजय कूका और वॉर्ड-8 से सरबजीत फुलौरा ने नामांकन किया। एमएलए परनीत कौर और एमएलए ब्रह्म मोहिंद्रा मौजूद रहे। (िवस्तृत पेज- 2 पर)
चेतावनी: हाईकमान माना, तो हम भी नहीं मानेंगे
जसविंदरपालसिंह चड्ढा ने कहा कि उनकी धर्मप|ी ने अकाली दल की ओर से ही नॉमिनेशन भरा है। अभी नाम वापस लेने की लास्ट डेट 13 फरवरी में समय बाकी है तो ऐसे में उन्हें आस है कि पार्टी कैंडीडेट को लेकर अकाली दल हाईकमान अपना फैसला बदल लेगी और उन्हें ही मौका देगी। बहरहाल चड्ढा ने स्पष्ट किया कि अगर समय रहते भी हाईकमान ने उन्हें पार्टी टिकट दिया तो फिर उनकी धर्मप|ी जसतिंदरपाल कौर चड्ढा आजाद उम्मीदवार के तौर पर ही चुनाव लड़ेंगी।
चड्ढा का शिकवा सुने बगैर चले गए ऑब्जर्वर जनमेजा सिंह सेखों
जानकारोंके मुताबिक इस लोकल बॉडीज इलेक्शन के लिए अकाली दल की ओर से पटियाला जिला के ऑब्जर्वर बनाए गए सीनियर लीडर जनमेजा सिंह सेखों बुधवार को चड्ढा का गिला शिकवा सुने बगैर ही चले गए। चड्ढा ने बताया कि पार्टी टिकट मिलने की शिकायत उन्हें पार्टी ऑब्जर्वर सेखों को करनी थी। इसके लिए सेखों ने उन्हें यहां एक अकाली लीडर की रिहायश पर बुला भी लिया। बाद में सेखों ने उनसे मुलाकात ही नहीं की। इससे खफा चड्ढा और उनके समर्थकों ने ऐसी पार्टी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।