पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • थर्मल प्लांटों को कंपनी ने बंद की कोयले की सप्लाई

थर्मल प्लांटों को कंपनी ने बंद की कोयले की सप्लाई

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पंजाब के स्टेट सेक्टर के तीनों थर्मल प्लांटों को कोयला कंपनी पैनएम ने फिर से कोयला सप्लाई बंद कर दी है। पैनएम ने एक हफ्ते से पावरकॉम को कोयला का एक भी रैक नहीं भेजा। ऐसे में पावरकॉम के पास अपने थर्मल प्लांट चलाने के लिए कोल इंडिया लिमिटड ही एक सहारा बच गई है।

जानकार बताते हैं कि जब एक हफ्ते पहले पैनएम कंपनी ने पावरकॉम को कोयला सप्लाई बंद की तो उस समय पंजाब के बठिंडा, रोपड़ा और लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांटों में पांच से छह दिन लायक ही कोयला स्टॉक था। पावरकॉम की कुल जरूरत का साठ फीसदी तक कोयला सप्लाई करने वाली कंपनी पैनएम ने बीती 18 सितंबर से ही कोयला सप्लाई बंद कर रखी है। इससे पहली भी गर्मियों और धान सीजन में पैनएम ने पावरकॉम को पूरी कोयला सप्लाई नहीं की जिस कारण पावरकॉम के पास कोयले की कमी वाली पोजीशन बनी ही रही। समझौते मुताबिक पैनएम ने पावरकॉम को रोजाना 11 कोयला रैक सप्लाई करने हैं लेकिन इन गर्मियों में यह सप्लाई चार से पांच रैक के करीब ही रही। बठिंडा प्लांट के चीफ इंजीनियर करनैल सिंह मान और रोपड़ प्लांट के चीफ इंजीनियर एचपी सिंह ने भी पुष्टि की कि उनके थर्मल प्लांटों में छह छह दिन लायक कोयला स्टॉक ही बचा है। उधर कोयले की कमी चलते लहरा मोहब्बत प्लांट का एक यूनिट बंद कर दिया गया है। ऐसे में एग्रीकल्चर सेक्टर को रोजाना आठ घंटे की रेगुलर सप्लाई की बजाए चार घंटे तक ही बिजली मिल रही है।

पैनएम द्वारा कोयला सप्लाई बंद करने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोल ब्लॉकों की अलॉटमेंट रद्द करने के फैसले के बाद पावरकॉम मैनेजमेंट ने भी मीटिंगों का सिलसिला शुरू कर दिया है। ऐसे में पावरकॉम के पास अब अपनी कोयला डिमांड पूरी करने के लिए कोल इंडिया लिमिटड कंपनी ही एक सहारा बचा है। अब पावरकॉम मैनेजमेंट कोल इंडिया लिमिटड से कोयला सप्लाई दोगुनी करने की गुहार लगाने वाली है।