इनका फीका रहेगा
4 महीने से सैलरी पेंशन, कैसे चले गुजारा
फेस्टिवल सीजन
नवरात्रोंकेसाथ फेस्टिवल सीजन का आगाज हो चुका है। फेस्टिवल सीजन मतलब खर्चा। लेकिन जरा सोचिए कि जिन घरों में 3 से 4 महीने से वेतन/पेंशन मिली हो, वहां फेस्टिवल सीजन कैसा होगा। भास्कर ने वीरवार को उन महकमे के मुलाजिमों और पेंशनर्स से जाना कि उनके घरों में फेस्टिवल सीजन का कितना चाव है? जो सामने आया, वो काफी दुखदायी है। पीआरटीसी, शिक्षा महकमे समेत ऐसे कई महकमे हैं जहां महीनों की सैलरी पेंडिंग है।
इस संबंध में संबंधित अफसरों से बात करने पर पता चला कि एरियर की यह किस्त की मंजूरी खजाने से ही नहीं मिली है। एडिड स्कूलों के टीचर्स के बच्चों की फीस, राशन, बिजली टेलीफोन के बिल समेत अन्य रोजमर्रा के खर्चे चलाना भी अब मुश्किल हो गया है। उपजीत बराड़ के मुताबिक फेस्टिवल सीजन में अन्य घरों की तरह हमारे घरों के बच्चे भी नए कपड़े अौर घर के लिए सामान मांगते हैं, लेकिन जिस घर में 3 महीने से तनख्वाह आई हो, वहां बच्चों के अरमान कैसे पूरा हो सकते हैं, यह किसी से छुपा नहीं है।
उपजीत सिंह
3 महीने से सैलरी नहीं
गवर्नमेंटएडिड स्कूल प्रोग्रेसिव फ्रंट पंजाब के सूबा प्रधान उपजीत सिंह बराड़ के मुताबिक एडिड स्कूल के टीचर्स को जून के बाद सैलरी नहीं मिली है। 3 महीने की सैलरी मिलने के कारण टीचर्स को घरों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। यही नहीं एरियर, डीए समेत 5वें वेतन कमीशन की तीसरी किस्त जिसे हाईकोर्ट ने हर हाल में 30 अगस्त 2014 तक देने के निर्देश शिक्षा महकमे को दिए थे, वो भी आज तक नहीं मिली है।
हरी सिंह चमक
पीआरटीसी पेंशनर्स को 4 महीने से पेंशन नहीं
जिसघर का गुजारा पेंशन पर ही चलता हो, उम्र का ऐसा दौर हो जहां हर रोज सेहत डांवाडोल रहती हो, वहां 4 महीने से पेंशन मिले तो जरा सोचिए कि वहां क्या हाल होगा। पीआरटीसी पेंशनर्स एसोसिएशन के उप प्रधान हरी सिंह चमक के मुताबिक सैकड़ों पेंशनर्स ने अपनी ताउम्र पीआरटीसी को दी, लेकिन अब आखिरी समय में जब जिंदगी आराम करने के लिए है, हमें अपने हक पेंशन के लिए तरसाया जा रहा है। हमारे कई पेंशनर्स इलाज की कमी के कारण दम तोड़ चुके हैं। कइयों को हार्ट, किडनी, दिमाग की गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन पैसे होने के कारण वो इलाज नहीं करा पा रहे हैं। घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। उधार मांग मांग कर गुजारा क