ईंट के रेट में 1 हजार रुपए का इजाफा
रेत के बाद ईंट महंगी
पंजाबमेंरेत के बाद अब ईंट की कीमत में इजाफा हुआ है। जल्द उसकी कमी से लोगों को दो चार होना पड़ सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) दिल्ली से अब तक ईंट भट्ठा मालिकों को एन्वायरमेंट क्लीयरेंस नहीं मिली है। जिससे पंजाब में ईंट के रेट प्रति हजार 4000 रुपए से बढ़कर 5000 रुपए हो गए हैं। माॅनसून सीजन खत्म होने के बाद 1 सितंबर से ईंट भट्ठों का काम शुरू हो जाता था। इस बार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की जजमेंट पेंडिंग होने से ईंट भट्ठे अब तक बंद हैं। सूबे के करीब तीन हजार भट्ठा मालिक एनजीटी के आदेश के इंतजार में हैं। भट्ठों में यदि स्टॉक की बात करें, तो वह केवल एक से डेढ़ महीने का है। अगर हालात ऐसे रहे तो ईंटों का रेट बढ़ेगा और इसका असर लोगों की जेब पर पड़ेगा। ईंट भट्ठों का काम शुरू होने से भट्ठों पर काम करने वाले भी बेरोजगार हैं। एन्वायरमेंट क्लीयरेंस के लिए दो कैटेगरी बनाई गई है। जिला भट्ठा मालिक एसोसिएशन के मुताबिक बी 1 कैटेगरी के तहत किसी भी जमीन की क्लीयरेंस लेने पर 5 से 7 लाख रुपए का खर्चा जाता है। इसमें भट्ठा मालिक खुद अप्लाई नहीं कर सकता है। उसे महंगे कंसलटेंट की मदद लेनी पड़ती है। बी 2 प्रक्रिया में कोई भी भट्ठा मालिक अपना केस खुद अप्लाई कर सकता है। इसमें 10 हजार रुपए का खर्चा आता है। पीपीसीबी अपने महीने या दो महीने बाद होने वाली जनरल मीटिंग में क्लीयरेंस को पास कर देता है। बी 2 पर रोक लगा दी गई है।
}इस बार सितंबर में नहीं चल सके ईंट-भट्ठे
पिछले 15 दिनों से रेट में आया है उछाल
माताकौशल्या अस्पताल में 17 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को देख रहे मक्खन सिंह ने बताया कि थोक रेट पर पहले ईंट 4000 तक आसानी से मिल जाती थी। पिछले 15 दिनों में ईंटों के रेट में एकदम उछाल गया है। रेट अब 4500 से 5000 तक हो चुका है। ऐसे में कंस्ट्रक्शन कॉस्ट भी बढ़ गई है।
एनजीटी के आदेश का इंतजार: सुरिंदर
ईंटभट्ठा मालिक एसोसिएशन महासचिव सुरिंदर सिंगला ने बताया कि एनजीटी सुनवाई के लिए बार-बार तारीख आगे बढ़ा रहा है। एक महीने बाद भी सुनवाई नहीं हो पाई। वह इंतजार में हैं। कब सुनवाई हो और वह अपना काम शुरू करें। पंजाब ईंट भट्ठा मजदूर यूनियन प्रधान हरी सिंह ने बताया कि सरकार की घटिया कारगुजारियों के कारण भट्ठा वर्कर बेरोजगार हो गए हैं। पहले ही ईंट भट्ठा मालिक मजदूरों का शोषण