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पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करों ने निकाला मार्च
मांगोंकेलिए पिछले 18 दिनों से मरण व्रत पर बैठे पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने वीरवार को शहर में रोष मार्च निकाला। मैनेजमेंट पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन महासचिव रूपिंदर सिंह रौंगला ने बताया कि एसएलए मंदीप सिंह चाहते हैं कि पीआरटीसी से निकाले कर्मचारी की बहाली के लिए पूरी प्रक्रिया निभाए। कर्मचारियों का तर्क है कि तुरंत बिना कोई प्रक्रिया लागू किए मुलाजिमों को बहाल किया जाए। रोष मार्च बस स्टैंड के बीच से होकर लाहौरी गेट सहित शहर के मेन बाजार से निकाला गया। मरणव्रत पर बैठे इंद्रजीत सिंह की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है। 18 दिनों में उनका करीब 15 किलो वेट कम हो गया है। बावजूद इसके सेहत महकमे या पीआरटीसी मैनेजमेंट ने उसका चेकअप कराया और सुध ली। अपनी मांगों को लेकर पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर 1 सितंबर से बस स्टैंड के पास राजेश पायलट पार्क में धरने पर बैठे हैं। इनकी मांग कि नौकरी से निकाले सभी कर्मचारियों को बहाल किया जाए। ठेकेदारी सिस्टम बंद कर कॉन्ट्रैक्ट वर्करों को रेगुलर किया जाए। चंडीगढ़ डिपो के जीएम एचएस भट्टी का तबादला हो। यूनियन महासचिव रूपिंदर सिंह रौंगला ने बताया कि जब तक मांगों को नहीं माना जाता, संघर्ष जारी रहेगा। यहां यूनियन नेता बब्बू शर्मा, जानपाल, लक्की शर्मा, खुशविंदर सिंह, रणजीत सिंह, बलवीर सिंह, पाला सिंह, गुरपाल सिंह, जसवीर सिंह ने धरने को संबोधित किया।
पटियाला बसस्टैंड पर वीरवार को प्रदर्शन करते पीआरटीसी के कॉन्टैक्ट वर्कर।