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बलबीर की किताब मानवता गैरहाजर है\' पर गोष्ठी
बलबीरजलालाबादीकी किताब \\\'मानवता गैरहाजिर है\\\' पर विचार गोष्ठी ग्लोबल पंजाब फाउंडेशन ने चिंतन मंच पटियाला के सहयोग से पंजाबी यूनिवर्सिटी के आईएएस ट्रेनिंग सेंटर में कराई। प्रधानगी मंडल में शायर प्रो. कुलवंत ग्रेवाल, डाॅ. हरजिंदर वालिया, प्रो. हरभजन सिंह, लक्ष्मी नारायण भीखी और बलबीर जलालाबादी शामिल हुए।
चेयरमैन डाॅ. हरजिंदर वालिया ने कहा कि बलबीर की शायरी पंजाबी सभ्याचार के अतीत और भविष्य को चित्रित करती वर्तमान के मानव सरोकारों की बात करती है। डाॅ. दर्शन सिंह आष्ट ने कहा कि शायर बलबीर ने बिकाऊ और समझौतावादी शायरों और कलाकारों को बुलंद आवाज में ललकारा है। सरबजीत कौर जस्सड़ ने कहा कि उर्होंने कलम की मर्यादा दर्शाने वाली कविताएं लिखी हैं। प्रो. कुलवंत ग्रेवाल ने कहा कि कविताओं से शिक्षा मिलती है कि पंजाब को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अरविंदर कौर काकड़ा, शायर गुरचरण पब्बाराली, कुलवंत नारिके, प्रो. सुभाष शर्मा ने विचार रखा। गिल सुरजीत ने कहा कि वो एक संजीदा कवि हैं जो कलम की मर्यादा का हमेशा ख्याल रखता है। डाॅ. महेश गौतम ने कहा कि वो समाजिक विसंगतियों पर चोट करता है। अवतार जीत, महिंदर सेखों, यहां बलविंदर भट्टी, हरि सिंह चमक, हरिदत्त हबीब, मुखविंदर कौर, स्वराज घुम्मण, एसएस भल्ला सागर सूद हाजिर रहे।
पटियाला मेंरविवार को बलबीर जलालाबादी को सम्मानित करते डाॅ. हरजिंदर वालिया, लक्ष्मी नारायण भीखी और अन्य।