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बंद फर्म के नाम पर 2.62 करोड़ की बोगस बिलिंग

7 वर्ष पहले
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फर्मबंद पड़ी है। कोई माल भी नहीं खरीदा गया। इसके बावजूद एक साल में 2.62 करोड़ की बोगस बिलिंग। आईटीसी क्लेम भी कर लिया गया। यही नहीं इसके अलावा फर्म के पांच सालों में 30 करोड़ से ज्यादा के शकी िबल सामने आए हैं। एक्साइज एंड टैक्सेशन िडपार्टमेंट की जांच में बठिंडा के रामपुरा फूल की अंकित कॉटन कंपनी का यह घपला सामने आया है। इसकी शिकायत कमिश्नर अनुराग वर्मा को मिली थी। उनके निर्देश पर जांच जारी है।

फर्स्ट स्टेज जांच में ईटीओ और इंस्पेक्टर्स ने मौके पर जाकर देखा तो इस नाम की मिल बंद पड़ी थी और कोई कारोबार नहीं हुआ था। इसके बावजूद कंपनी की तरफ से लंबे चौड़े बिल की लिस्ट डिपार्टमेंट को भेजी गई। जांच में पता चला, बगैर खरीदे कंपनी ने बिलिंग की है और जो माल खरीदा ही नहीं, उसके बिल काटे गए हैं।

ईटीओ मौके पर पहुंचा तो फर्म बंद पड़ी थी

नोडल अफसर एईटीसी एसएस बांगड़ ने बताया, अभी जांच जारी है। पहली स्टेज में ही पता चल चुका है कि बड़े लेवल पर घपला हुआ है। एईटीसी बठिंडा को 30 करोड़ की बिलिंग की डिटेल निकालने को कहा है। एक साल की डिटेल की चैकिंग में 2 करोड़ 62 लाख रुपए की बिलिंग सामने आई है। इस पर बनता टैक्स और पेनल्टी ही 45 लाख है। अभी पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। करीब 30 करोड़ की बिलिंग शक के दायरे में हैं। अगर ये साबित हो जाता है तो टैक्स, पेनल्टी के साथ केस भी होगा। इसके लिए फर्म मालिक को गत सोमवार को बुलाया गया था पर वह पेश नहीं हुए।

जांच में खंगाले गए रिकॉर्ड के मुताबिक कंपनी ने 2014-15 के पहले क्वार्टर में 2 करोड़ 62 लाख रुपए की बिलिंग की है। यही नहीं फर्म अलग- अलग सालों में 30 करोड़ रुपए से ज्यादा के शक्की बिल भी काट चुकी है। इन बिलों पर अलग-अलग व्यापारी आईटीसी क्लेम कर चुके हैं। अगर 30 करोड़ रुपए की बिलिंग हुई है तो उस पर टैक्स और पेनल्टी मिलाकर 5.40 करोड़ रुपए बनती है। इसमें 1.80 करोड़ तो सिर्फ टैक्स होगा। इतना ही नहीं कंपनी ने जिन अलग अलग कपंनियों के नाम पर बिलिंग दिखाई है, वो भी कंपनी मालिक की खुद की कंपनियां ही हैं।